राहुल गांधी, फोटो- सोशल मीडिया
DU on Rahul Gandhi Interview Claim: देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शुमार दिल्ली यूनिवर्सिटी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। यूनिवर्सिटी ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक हालिया बयान को तथ्यों से परे बताते हुए उस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक मंचों से किसी बड़े संस्थान के बारे में टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की सही जांच करना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच अनावश्यक गलतफहमी पैदा हो सकती है।
विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में इंटरव्यू के जरिए छात्रों को बाहर किया जाता है और जाति के आधार पर उन्हें फेल कर दिया जाता है। इसके जवाब में यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यहां छात्रों का प्रवेश मुख्य रूप से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के अंकों के आधार पर होता है। यूनिवर्सिटी ने साफ किया कि स्नातक और स्नातकोत्तर के अधिकांश पाठ्यक्रमों के लिए इंटरव्यू अनिवार्य नहीं होता, इसलिए इंटरव्यू के आधार पर छात्रों को बाहर करने का दावा पूरी तरह गलत है।
राहुल गांधी ने कांशीराम जयंती के एक कार्यक्रम में आरोप लगाया था कि यदि आरएसएस से जुड़े संगठनों की सूची देखी जाए तो वहां ओबीसी या एससी वर्ग के लोग नहीं मिलेंगे। इस पर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जवाब दिया कि पिछले वर्षों में विभिन्न श्रेणियों में हजारों शिक्षकों की भर्ती की गई है। यूनिवर्सिटी का दावा है कि ये सभी नियुक्तियां तय नियमों और मानकों के अनुसार पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई हैं, जिनमें सभी वर्गों को पर्याप्त अवसर दिए गए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसी टिप्पणियों को शैक्षणिक माहौल के लिए हानिकारक बताया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कमेंट्स यूनिवर्सिटी में ऐसा वातावरण बनाते हैं जो पढ़ाई-लिखाई के अनुकूल नहीं होता। DU ने राहुल गांधी को सलाह दी है कि उन्हें बयान देने से पहले वास्तविक फैक्ट्स की जांच करनी चाहिए ताकि संस्थान की छवि धूमिल न हो।
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अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने न केवल यूनिवर्सिटी पर बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि “नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं” और वे अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे बल्कि अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे संसद में बोलने जा रहे थे, तब प्रधानमंत्री वहां से भाग निकले।