

Delhi Gymkhana Club Staff Unemployment Crisis: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार से बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक उद्देश्य, रक्षा बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए क्लब को 5 जून 2026 तक सफदरजंग रोड स्थित अपना परिसर खाली करने का आदेश दिया है। सरकार के इस आदेश से 600 कर्मचारियों पर बेरोजगारी का संकट आ पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह जमीन वर्ष 1913 में लीज पर दी गई थी। जमीन पर क्लब की मौजूदा इमारत का निर्माण साल 1930 में हुआ था। सरकार के इस फैसले के बाद क्लब में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। आदेश जारी होने के बाद क्लब प्रशासन और कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
मीडिया से बातचीत के दौरान वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि सरकार के इस फैसले से वे एक झटके में बेरोजगार हो गए हैं। क्लब में वेटर के रूप में काम करने वाले रोहित बनर्जी ने बातचीत में बताया कि यहां 600 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। करीब 3000 लोगों का परिवार इसी पर निर्भर है। कोरोना काल में पहले ही हमारी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी थी। अब अचानक सुरक्षा का हवाला देकर जगह खाली करवाई जा रही है। ऐसे में हम लोग जाएं तो कहां जाएं?
गणेश कुमार, जो पिछले 36 वर्षों से क्लब में सेवा दे रहे हैं, ने सरकार के फैसले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी तक की जिम्मेदारियां इसी नौकरी के सहारे टिकी हुई हैं। अचानक नोटिस मिलने से भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब इस उम्र में नौकरी कहां मिलेगी?
2006 से यहां काम कर रहे कर्मचारी अनिल कुमार ने कहा कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर स्टाफ पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामने आर्थिक और पारिवारिक मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।
दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली कराने का सरकार का यह फैसला महज एक लीज विवाद या प्रशासनिक फेरबदल का नहीं है। इसके पीछे गहरे रणनीतिक और सुरक्षा कारण भी जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ सालों में VVIP इलाकों में खासकर पीएम आवास और उसके आसपास के इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य बनाने पर सरकार विशेष जोर दे रही है।
यह क्लब पीएम आवास के बिल्कुल पास में स्थित है और यहां रोजाना सैकड़ों नागरिकों, मेहमानों और विदेशी नागरिकों की भी आवाजाही होती है इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर एजेंसियां लंबे समय से इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित करने की योजना पर काम कर रही थीं।