Red Fort Blast: 5 मौके जब आतंकी हमलों से दहल उठी थी दिल्ली, हाई कोर्ट को भी बनाया गया था निशाना

Red Fort blast, Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में 8 लोगों की मौत हुई, कई घायल हैं। घटना ने राजधानी में हुए पुराने आतंकी हमलों की याद ताजा कर दी।
Red Fort Blast: 5 मौके जब आतंकी हमलों से दहल उठी थी दिल्ली, 2005 की घटना में गई थी 60 की जान
पांच मौके जब दिल्ली में हुए आतंकी हमले (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Delhi Blast News: दिल्ली में आज लाल किला मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर 1 के पास) पर हुए धमाके में अब तक 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। धमाके के तुरंत बाद जगह पर भीषण आग छा गई, जिससे स्थिति और भयावह हो गई है। इस घटना के बाद अस्पतालों में घायल लोगों का ताँता लग गया है और सुरक्षा एजेंसियाँ मौके पर जुट गई हैं।

यह घटना एक बार फिर राजधानी में हुए बड़े आतंकी हमले की याद ताजा कर गई है। दरअसल, दिल्ली में पहले भी कई बार बम धमाके हो चुके हैं, जिनमें जन-हानि और व्यापक आतंक का माहौल बना था। न्यूज 18 की खबर की मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार दिया है।

  • 21 मई 1996 को लाजपत नगर के बाजार में हुए बम विस्फोट में 13 नागरिकों की मौत हुई थी।
  • 18 जून 2000 को लाल किले के समीप दो बम धमाके हुए थे, जिसमें 2 लोगों की जान गई।
  • 29 अक्टूबर 2005 को दिवाली से ठीक पहले, पहाड़गंज, गोविंदपुरी और सरोजिनी नगर में तीन-सिलसिलेवार धमाके हुए, जिसमें लगभग 60 लोगों की मौत और 200 से अधिक घायल हुए।
  • 13 सितंबर 2008 को दिल्‍ली सीरियल ब्लास्ट में करोल बाग, कनॉट प्लेस और ग्रेटर कैलाश-1 जैसे प्रमुख बाज़ार क्षेत्रों में धमाके हुए और दर्जनों लोगों की जान गई, 100-के आसपास लोग घायल हुए।
  • 7 सितंबर 2011 को दिल्ली उच्च न्यायालय के गेट नंबर 5 के बाहर धमाके में 15 लोगों की मौत और 79 घायल हुए थे।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

इन घटनाओं की श्रृंखला से स्पष्ट है कि दिल्ली आतंक-विरोधी चुनौती के मोर्चे पर खासा संवेदनशील रहा है। आज का धमाका भी इस संदर्भ में बेहद चिंताजनक है क्योंकि कहीं न कहीं यह पुरानी चुनौतियों की पुनरावृत्ति का संकेत हो सकता है।

अब यह देखना होगा कि सुरक्षा-एजेंसियाँ घटनास्थल पर क्या सामग्री बरामद कर पाती हैं, दोषियों तक कैसे पहुँचती हैं, और नागरिकों को सुरक्षा देने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। लेकिन एक बात तय है इतनी बार हो चुकी हिंसा की घटनाओं के बावजूद, इस तरह की त्रासदियाँ अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है और जांच शुरू कर दी है।

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