भयंकर बारिश के बाद अब गुजरात पर चक्रवात ‘असना’ का खतरा, 48 सालों बाद अरब सागर में तूफान
गुजरात के आसमान में आज दुर्लभ घटना होने जा रही है। यहां साइक्लोन यानी चक्रवाती अब तूफान में बदल रहा है। 80 साल में ये चौथा ऐसा तूफान है जो जमीन के ऊपर पैदा हुआ और अरब सागर के ऊपर कहर बरपाएगा। इसका नाम 'असना' रखा जाएगा।
- Written By: राहुल गोस्वामी
(डिज़ाइन फोटो)
अहमदाबाद: जहां एक तरफ बाढ़ और बारिश से जूझ रहे गुजरात पर अब चक्रवात ‘असना’ का भी खतरा मंडरा रहा है। यह राज्य एक और दुर्लभ मौसम का सामना करने जा रहा है, जो कि 80 साल में चौथी बार होने जा रहा है. हालांकि यह होगा तो अरब सागर में लेकिन असर पूरे गुजरात पर पड़ने वाला है.
देखा जाए तो इस समय गुजरात में भयानक बारिश और बाढ़ की स्थिति है. ऐसे डीप डिप्रेशन की वजह से हुआ है. अब यही डिप्रेशन साइक्लोन में बदलने के रास्ते पर है. आज गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में अरब सागर में चक्रवात के बनने और ओमान तट की ओर बढ़ने का सघन अनुमान है।
आज कच्छ और सौराष्ट्र में भारी बारिश की आशंका दिख रही है। इन क्षेत्रों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह भी दे दी गई है। गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तटों के साथ-साथ समुद्री क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक 60-65 किमीयघंटे की तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
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IMD की मानें तो आज सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर बना गहरा दबाव क्षेत्र पश्चिम-दक्षिणपश्चिम की ओर बढ़ने तथा कच्छ और उससे सटे पाकिस्तान के तटों के पास उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर उभरने और चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। अब जब यह चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा तो इसका नाम ‘असना’ रखा जाएगा।
‘असना’ नाम हालांकि पाकिस्तान ने दिया है। देखा जाए तो 1891 से 2023 तक अगस्त में अरब सागर के ऊपर केवल तीन चक्रवाती तूफान विकसित हुए हैं। IMD ने बताया कि यह 1976 के बाद अगस्त में अरब सागर के ऊपर बनने वाला पहला चक्रवाती तूफान होगा। इसके पहले 1976 में ऐसा ही चक्रवात ओडिशा में भी विकसित हुआ था।
गुजरात के मौसम की बात करें तो बीते गुरुवार को यहां बारिश कम हुई, जिससे स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ लेकिन वडोदरा और राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में अब भी नदियां उफान पर होने से वहां बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार दूसरे दिन राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की था और स्थिति का जायजा लिया था।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की अद्यतन जानकारी में बताया गया कि गुजरात के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 18,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित किया गया है तथा लगभग 1,200 लोगों को बचाया गया है। सुरक्षाबलों ने कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। हाल ही में हुई भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर वडोदरा में स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ क्योंकि विश्वामित्री नदी का जलस्तर सुबह 37 फुट से घटकर 32 फुट रह गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान गुजरात के 20 तालुका में 100 मिमी से अधिक बारीश हुई। कच्छ के मांडवी तालुका में सुबह 10 बजे तक चार घंटों में 101 मिमी बारिश हुई थी।
IMD ने आज भी सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।वहीं स्थानीय प्रशासन के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल के साथ मिलकर राज्य के सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाके वडोदरा, द्वारका, जामनगर, राजकोट और कच्छ में राहत और बचाव कार्य संचालित कर रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
