Assam Politics: 'हाथ नहीं, लुंगी को...', ये क्या बोल गए सीएम हिमंता, असम में सियासी घमासान होना तय

Assam Politics: सीएम सरमा ने कहा कि अगर मैं प्रति नौकरी 1 लाख रुपये लेता, तो मेरे घर में 15 हजार करोड़ रुपये होते। लेकिन हम गरीबों के लिए काम कर रहे हैं। हमें पैसे नहीं चाहिए। जो पैसे लेता है, उसे सजा देंगे।
Assam Politics: 'हाथ नहीं, लुंगी को...', ये क्या बोल गए सीएम हिमंता, असम में सियासी घमासान होना तय
हिमंता बिस्वा सरमा, फोटो - सोशल मीडिया
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गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। इस बार निशाने पर है कांग्रेस पार्टी और हमला इतना तीखा कि चुनावी भाषण में उन्होंने कांग्रेस को तंज कसते हुए कहा, "अब कांग्रेस को अपना चुनाव चिन्ह हाथ से बदलकर लुंगी कर देना चाहिए।"

यह टिप्पणी उन्होंने बीते दिन सोमवार को धेमाजी जिले में आयोजित पंचायत चुनाव प्रचार अभियान के दौरान दी, जहां वह एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में रैली को संबोधित कर रहे थे। उनके भाषण का अंदाज आक्रामक, व्यंग्यात्मक और तीखे आरोपों से भरा था।

क्या बोले मुख्यमंत्री सरमा?

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के शासन काल को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूछा, "कांग्रेस से पूछो, क्या उनके राज में कॉलेज में मुफ्त एडमिशन होता था? नहीं। क्या क्लास 10 के फॉर्म भरने के लिए पैसे लगते थे? हां। क्या निजुत मोइना योजना थी, अरुणोदोई योजना थी, मुफ्त चावल वितरण, पक्के तटबंध, या धेमाजी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण हुआ था? नहीं।" उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए कहा, "कांग्रेस ने हमें सिर्फ लुंगी, धोती, धागा और मच्छरदानी दी थी। इसलिए मैंने कांग्रेस से कहा है कि वो अब अपना चुनाव चिन्ह 'हाथ' नहीं, बल्कि 'लुंगी' रख लें। क्योंकि कांग्रेस को इन्हीं चीजों के अलावा कुछ नहीं आता।"

विकास का रोडमैप और भ्रष्टाचार पर वार

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि उनकी सरकार का एजेंडा पूरी तरह से विकास पर केंद्रित है, और वह हर गांव को मॉडल गांव बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 4 सालों में बिना किसी भ्रष्टाचार के 1.5 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

बिना रिश्वत मिलनी चाहिए नौकरियां

सीएम सरमा ने कहा कि अगर मैं प्रति नौकरी 1 लाख रुपये लेता, तो मेरे घर में 15 हजार करोड़ रुपये होते। लेकिन हम गरीबों के लिए काम कर रहे हैं। हमें पैसे नहीं चाहिए। जो पैसे लेता है, उसे सजा देंगे। हमारी युवा पीढ़ी को बिना रिश्वत के नौकरियां मिलनी चाहिए।

चुनावी आंकड़े और तैयारियां

राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, असम में पंचायत चुनाव दो चरणों में 2 मई और 7 मई को होंगे, जबकि गिनती 11 मई को की जाएगी। कुल 1.80 करोड़ मतदाता, जिनमें 90.71 लाख पुरुष, 89.65 लाख महिलाएं और 408 अन्य मतदाता शामिल हैं, अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

राज्य भर में कुल 25,007 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन चुनावों में 21,920 गांव पंचायत सदस्य, 2,192 ग्राम पंचायत अध्यक्ष, 2,192 उपाध्यक्ष, 2,192 अंचलिक पंचायत सदस्य और 397 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।

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