CM अरविंद केजरीवाल बोले- भारत में पहली बार हम लाए रोजगार बजट, 5 साल में देंगे 20 लाख नौकरियां

CM Arvind Kejriwal
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को विधानसभा (Delhi Assembly) में दिल्ली के बजट (Budget) पर बोलते हुए रोजगार (Employment) के मुद्दे पर पूर्व की सरकारों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि, ये बजट आज़ाद भारत के इतिहास में एक रोज़गार बजट है। चुनाव के समय में रोज़गदार की बात होती है और बाद में कोई बात नहीं होती है। हम 20 लाख नौकरियां (Jobs) देंगे। बजट में इसका पूरा खाका तैयार किया गया है।

नोटबंदी, GST और महामारी ने नौकरी की स्थिति खराब कर दी

सीएम केजरीवाल ने कहा, पिछले कुछ सालों में कई ऐसी घटनाएं घटी जिससे बेरोज़गारी बहुत ज्यादा फैल गई है। अगले 5 साल के अंदर 20 लाख नए रोज़गार तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा, शिक्षित युवा आज भी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में नोटबंदी, GST और महामारी ने नौकरी की स्थिति को खराब कर दिया है।

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भीख मांगने वाले बच्चों के बनेगा बोर्डिंग स्कूल

केजरीवाल ने कहा, आम आदमी पार्टी की विचारधारा के तीन स्तंभ हैं। पहला कट्टर देश प्रेम, दूसरा स्तंभ कट्टर ईमानदारी और तीसरा इंसानियत। रेड लाइट पर गाड़ी रूकती है तब बच्चे भीख मांगते दिखते हैं उनके लिए हम बोर्डिंग स्कूल बनाएंगे। कुछ सरकारों ने एंटी-बैगिंग एक्ट पारित किया क्योंकि उनमें इंसानियत नहीं थी। लेकिन इस बजट में हमने ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगने वाले बच्चों के लिए 10 करोड़ रुपए के बोर्डिंग स्कूल बनाने का फैसला किया है, जहां उनकी सभी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा।

केंद्र सरकार ने मोहल्ला क्लिनिक और CCTV की फाइलों में डाली बाधा

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "केंद्र सरकार ने मोहल्ला क्लिनिक की फाइलों में बाधा डाली, फिर उन्होंने सीसीटीवी की फाइलों को प्रतिबंधित कर दिया। लेकिन किसी तरह हमने उन्हें पास कर दिया। पिछले 25 वर्षों से, राज्य की सरकारें काम में देरी और बाधा डालने के लिए थीं। पहली बार दिल्ली ऐसी सरकार है जो लोगों के लिए काम करने में विश्वास रखती है।"

ऐसा बजट किसी सरकार ने नहीं बनाया

वहीं, दिल्ली के सीएम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "आज़ाद भारत के इतिहास का ये पहला रोज़गार बज़ट है जो दिल्ली विधानसभा में पेश किया गया। बेरोज़गारी तो कई सालों से चली आ रही है। मैं नहीं समझता कोई भी ऐसा बज़ट राज्य सरकार या केंद्र सरकार ने प्रस्तुत किया जो पूरा बज़ट रोज़गार सृजन के लिए बनाया गया हो।"

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