

Chandipura Virus Spreads In Gujarat Affecting Children: गुजरात के उत्तर और मध्य जिलों में चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इस घातक संक्रमण से अब तक 3 बच्चों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने बताया कि चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए तीन बच्चों की मौत हुई है। इनमें दो बच्चे वडोदरा और गोधरा क्षेत्र के रहने वाले थे, जबकि एक बच्चा राजस्थान का था, जिसका इलाज हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल में चल रहा था।
उन्होंने बताया कि फिलहाल विसनगर का एक बच्चा वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिसका इलाज वडनगर अस्पताल में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार संदिग्ध मामलों की स्क्रीनिंग और निगरानी कर रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चांदीपुरा वायरस का संक्रमण सैंड फ्लाई यानी रेतीली मक्खी के जरिए फैल सकता है। जिन क्षेत्रों में मरीज मिले हैं, वहां इस मक्खी की सक्रियता भी पाई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि साल 2024 में जिन 61 स्थानों पर इस वायरस के मामले सामने आए थे, वहां दोबारा सर्वे कराया जाए। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव और जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
चांदीपुरा वायरस के लिए फिलहाल कोई विशेष टीका या एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीजों की स्थिति और लक्षणों के आधार पर उपचार करते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहें। अगर बच्चे में तेज बुखार, कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में संपर्क करें।
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और निगरानी के साथ-साथ संक्रमण फैलाने वाले कारकों को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि लोग केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
इसके अलावा निजी अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई संदिग्ध मामला सामने आता है तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दें। सरकार की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं।