इंडो-पैसिफिक सम्मेलन में पहुंचे कनाडा के उप सेना प्रमुख, बोले- हम अपनी-अपनी सरकारों को निज्जर हत्याकांड मुद्दे से स्वयं निपटने देंगे

Canadian Deputy Army Chief Major General Peter Scott
Canadian Deputy Army Chief Major General Peter Scott
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली: 13वीं इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific Conference) का सम्मेल्लन नई दिल्ली में आयोजित है।  इसमें शिरकत होने कनाडा के उप सेना प्रमुख मेजर जनरल पीटर स्कॉट (Canadian Deputy Army Chief Major General Peter Scott) भी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। जहां एक तरफ कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो खालिस्तानी हरिदीप सिंह निज्जर की हत्या (Khalistani Harideep Singh Nijjar murder Case ) में भारत की  संलिप्तता बता कर विश्व में भारत की साख को गिराने की कोशिश की तो वहीं कनाडा के उप सेना प्रमुख सेना से लेकर सेना तक भारत से संबंध बनाने की बात कह रहे हैं। बोले की इंडो-पैसिफिक सम्मेलन में उस मुद्दे को हम पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा। हम अपनी-अपनी सरकारों को निज्जर हत्याकांड मुद्दे से स्वयं निपटने देंगे। 

भारत और कनाडा को उस मुद्दे से स्वयं निपटने देंगे
कनाडा के उप सेना प्रमुख मेजर जनरल पीटर स्कॉट ने कहा कि  मैं प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Prime Minister Justin Trudeau) के बयान से अवगत हूं। सरकार का रुख, भारत के साथ जांच में भाग लेने और सहयोग करने का अनुरोध लेकिन वास्तव में यहां इंडो-पैसिफिक सम्मेलन में उस मुद्दे को हम पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा। सही मायने में हम सेना से लेकर सेना तक संबंध बनाने के लिए यहां पर मौजूद हैं और हम अपनी-अपनी सरकारों यानी भारत और कनाडा को उस मुद्दे से स्वयं निपटने देंगे। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख ने ये कहा
इंडो-पैसिफिक चीफ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (Army Chief General Manoj Pandey)  ने कहा कि हाल के वर्षों में इंडो-पैसिफिक निर्माण ने जियो स्ट्रेजिक में अपना एक केंद्रीय स्थान बनाया है। इसका महत्व आज की दुनिया के राजनीतिक सुरक्षा आर्थिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में उभरती हुई गतिशीलता का एक प्रतिबिंब है। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ये बोले
नई दिल्ली में 13वें इंडो-पैसिफिक सेनाओं के प्रमुखों के सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  (Rajnath Singh)  ने कहा कि इंडो-पैसिफिक एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक क्षेत्र के रूप में विकसित हुआ है। इस क्षेत्र को सीमा विवाद और समुद्री डकैती जैसी जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।  

Navbharat Live
navbharatlive.com