15 अगस्त पर लाल किले से PM मोदी को लाइव देखना चाहते हैं? सिलसिलेवार समझिए टिकट बुकिंग का आसान तरीका

Independence Day-2025: भारत 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस मौके पर अगर आप भी लाल किला जाकर पीएम मोदी को लाइव सुनना चाहते हैं तो इन तरीकों से टिकट बुक कर सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो: सोशल मीडिया
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Independence Day-2025 Ticket Booking process: 15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाने और लाल किला पर देशभक्ति का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। हर साल यहां प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। हजारों लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने पहुंचते हैं।

अगर आप भी इस दिन लाल किला से आजादी का जश्न देखना चाहते हैं, तो आपको पहले टिकट लेना होगा। टिकट दो तरीके से मिल सकता है। पहला तरीका है ऑनलाइल और दूसरा तरीका है ऑफलाइन। यहां जानें टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग ऐसे करें

13 अगस्त से रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर आसानी से टिकट बुक किए जा सकते हैं। इसके लिए कुछ स्टेप्स का पालन करना होगा। जानिए क्या है टिकट बुक करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

  • मंत्रालय का ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • Independence Day 2025 Ticket Bookingऑप्शन चुनें।
  • नाम, मोबाइल नंबर और टिकटों की संख्या दर्ज करें।
  • पहचान के लिए आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र अपलोड करें।
  • सीट के अनुसार शुल्क जनरल: ₹20, स्टैंडर्ड: ₹100, प्रीमियम: ₹500।
  • ऑनलाइन पेमेंट (डेबिट/क्रेडिट कार्ड, UPI) करें।
  • पेमेंट के बाद ई-टिकट मिलेगा, जिसमें QR कोड और सीट की डिटेल होगी।
  • ई-टिकट को मोबाइल में सेव करें या प्रिंट निकालें। प्रवेश के समय यही टिकट मान्य होगा।

ऑफलाइन टिकट कहां मिलेंगे

10 से 12 अगस्त तक दिल्ली के चुनिंदा सरकारी भवनों और विशेष काउंटरों से ऑफलाइन टिकट खरीदे जा सकते हैं। इनकी मांग अधिक रहती है, इसलिए समय रहते लेना जरूरी है।

लाल किला कैसे पहुंचें

कार्यक्रम 15 अगस्त की सुबह 7:30 बजे शुरू होगा, इसलिए 6:30 से 7:00 बजे के बीच पहुंचना बेहतर माना जा सकता है। मेट्रो से जाने के लिए लाल किला (वायलेट लाइन) और चांदनी चौक (येलो लाइन) सबसे नजदीकी स्टेशन हैं। 15 अगस्त को दिल्ली मेट्रो सुबह 4:00 बजे से शुरू होगी जिससे लोगों को आने-जाने में आसानी होगी।

यह अनुभव क्यों है खास

15 अगस्त 1947 को भारत को अंग्रेजों की करीब लंबी गुलामी से मुक्ति मिली थी। तब से लाल किला पर आयोजित मुख्य समारोह देश की एकता, स्वतंत्रता और गर्व का प्रतीक है। यहां पहुंचकर न केवल प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का अवसर मिलता है, बल्कि हजारों देशवासियों के साथ मिलकर आजादी का जश्न मनाने का अनुभव भी अविस्मरणीय होता है।

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