BJP तय करेगी NDA का उपराष्ट्रपति कैंडिडेट...लेकिन क्या जितवा पाएगी? जानिए सभी समीकरण और आंकड़े

Vice President Election: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर फैसला लेने का अधिकार एनडीए ने पीएम नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को दिया है।
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कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन फोटो)
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New Vice President: देश के अगले उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार कौन होगा, इसका फैसला भाजपा करेगी। एनडीए में शामिल सभी दलों ने उम्मीदवार तय करने की ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ एनडीए सांसदों की बैठक में यह तय हुआ कि जो भी उम्मीदवार तय होगा, सभी दल मिलकर उसका समर्थन करेंगे।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर फैसला लेने का अधिकार एनडीए ने पीएम मोदी और जेपी नड्डा को दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीए 12 अगस्त तक अपने उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक कर सकता है।

9 सिंतबर को होना है उपराष्ट्रपति चुनाव

उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। जबकि चुनाव की तारीख 9 सितंबर तय की गई है। इसी दिन मतदान और मतगणना दोनों होंगे। यानी इसी दिन तय होगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा।

NDA के पास कितने सांसद?

एनडीए के पास उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए ज़रूरी संख्या से ज़्यादा समर्थन है। संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए के 457 से ज़्यादा सांसद हैं। इसमें भाजपा के 240 लोकसभा और 99 राज्यसभा सांसदों के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों के सदस्य भी शामिल हैं। चुनाव में सिर्फ़ सांसद ही वोट डालते हैं और कुल 788 सांसद वोट देने के पात्र हैं।

NDA जितवा पाएगी अपना कैंडिडेट?

बहुमत के लिए लगभग 395 वोटों की ज़रूरत होती है, जबकि एनडीए इससे कहीं आगे है। हालांकि बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस और बीआरएस जैसी पार्टियां सीधे तौर पर किसी खेमे से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन ये पार्टियां पिछले सालों में लगातार सरकार का समर्थन करती रही हैं। ऐसे में एनडीए का दावा और भी मज़बूत हो जाता है।

इस फ़ैसले में एनडीए की एकजुटता की झलक दिखाई दे रही है। उपराष्ट्रपति पद पर भाजपा के पास बहुमत है, ऐसे में पीएम द्वारा तय किए गए नाम का चुनाव जीतना लगभग तय है। नाम की घोषणा से पहले कई संभावित चेहरों के नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन अंतिम फ़ैसला लेने का अधिकार पूरी तरह से पीएम मोदी के पास है।

12 अगस्त को सामने आएगा नाम

अब सबकी नज़र 12 अगस्त पर है, जब संभावित रूप से नाम का खुलासा हो सकता है। दूसरी ओर, विपक्ष भी इस पद के लिए एक साझा उम्मीदवार पर मंथन में जुटा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या होता है और कौन जीतता है।

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