

BJP Sunil Sharma On Delhi Student Protest: दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवाओं को लेकर दिए गए संदेश के बीच भाजपा नेता सुनील शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी हमेशा युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं और सरकार उनके विकास, रोजगार तथा अवसरों को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। सुनील शर्मा का आरोप है कि कुछ राजनीतिक ताकतें युवाओं को गुमराह कर उन्हें गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है और ऐसे समय में देश में अस्थिरता पैदा करने के प्रयासों को विफल करना आवश्यक है। विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का बचाव करते हुए उन्होंने दावा किया कि भीड़ अनियंत्रित हो गई थी और सुरक्षा बलों पर हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने संयम बरता। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बताया। सिंधु जल संधि पर भी उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपने रुख पर कायम है और राष्ट्रीय हितों से जुड़े जल एवं जलविद्युत परियोजनाओं पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सुनील शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और सरकार लगातार उनके विकास, रोजगार और अवसरों को लेकर काम कर रही है। कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है।
उन्होंने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां जेन-जी आंदोलनों के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश हुईं, उसी तरह कुछ शक्तियां भारत में भी अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रही हैं। भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और ऐसे समय में देश में अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को रोकना जरूरी है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश स्पष्ट है कि युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन जो लोग युवाओं को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें रोकना जरूरी है। सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सुनील शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ अनियंत्रित हो गई थी और सुरक्षा बलों पर पत्थर और लाठियों से हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने काफी संयम और धैर्य का परिचय दिया, जिसके कारण स्थिति ज्यादा नहीं बिगड़ी।
जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन पर भी सुनील शर्मा ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन वास्तविक मुद्दे को उठाने के बजाय राजनीतिक दिखावा था।
प्रदर्शन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक बड़ी संख्या में नजर नहीं आए और यह केवल अपनी ताकत दिखाने का प्रयास था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला ने अपनी राजनीतिक स्थिति दिखाने के लिए यह आयोजन किया।
सुनील शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जब लोग प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं और कई परिवार प्रभावित हैं, उस समय इस तरह का प्रदर्शन करना उचित नहीं था। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई पीढ़ियों से सत्ता में रहने वाला परिवार अब अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम कर रहा है।
वहीं, सिंधु जल समझौते को लेकर भारत सरकार के रुख पर सुनील शर्मा ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद, प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा था कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। सात नदियों से जुड़ी सिंधु जल संधि को निलंबित करके, हमने अपने हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और उससे जुड़ी अन्य पहल जारी रखी थी।
भारत सरकार अभी उसी लाइन पर अडिग है कि हम किसी भी कीमत पर वह जो ट्रीटी हुई है, उस ट्रीटी के नाम पर हम अपनी परियोजनाओं को रोक नहीं सकते हैं। यह जारी रहेगा, इस पर किसी दबाव में भारत सरकार नहीं आएगी।"