बीजेपी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
BJP issues whip for MPs: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने संसद की राजनीतिक तपिश बढ़ा दी है। इस चुनौती से निपटने और सदन में अपनी शक्ति प्रदर्शित करने के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को कल यानी 11 मार्च के लिए ‘थ्री-लाइन व्हिप’ जारी किया है।
पार्टी आलाकमान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी सांसद बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से लेकर स्थगन तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। यह व्हिप ऐसे समय में आया है जब विपक्ष के 50 सांसदों ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है और सदन में तीखी बहस की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस अविश्वास प्रस्ताव को न केवल गिराने की योजना बना रही है, बल्कि भारी बहुमत के साथ अपनी एकजुटता दिखाकर विपक्ष को कड़ा संदेश देना चाहती है। व्हिप जारी होने का मतलब है कि कोई भी सांसद बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित नहीं रह सकता। यदि कोई सांसद व्हिप का उल्लंघन करता है, तो उसे दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है।
इससे पहले, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए नेतृत्व को ‘कमजोर’ करार दिया था। विपक्ष का आरोप है कि सदन में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की जा रही है। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में खड़े 50 सांसदों की संख्या ने सरकार को अपनी पूरी ताकत झोंकने पर मजबूर कर दिया है।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और संभावित मतदान सरकार और विपक्ष दोनों के लिए साख का सवाल है। बीजेपी के रणनीतिकार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सहयोगी दलों (NDA) के साथ मिलकर विपक्ष की हर चाल को विफल किया जाए। 2026 की राजनीतिक परिस्थितियों के बीच, यह टकराव आगामी चुनावों की दिशा तय कर सकता है।
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मंगलवार के दिन बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने 20 बार राहुल गांधी को रोक-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। उन्होंने अपनी स्पीच में एक आर्टिकल का हवाला दिया। इस पर उन्हें मना किया गया, लेकिन सत्ता पक्ष के सांसदों ने भारत में बैन किताबें सदन में दिखाईं। उनसे कुछ नहीं कहा गया। इस तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं है।