BJP Foundation Day: 'अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा', अटल का वो अटूट विश्वास; जिसने भाजपा को दी उड़ान

BJP: 2014 के आम चुनाव भाजपा के इतिहास में टर्निंग पॉइंट साबित हुए। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने पहली बार पूर्ण बहुमत प्राप्त किया और 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ सत्ता में आई।
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बीजेपी स्थापना दिवस विशेष, (डिजाइन फोटो/ नवभारत)
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BJP Foundation Day 2026: भारतीय जनता पार्टी की जड़ें 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ में निहित हैं। जनसंघ का गठन 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' के विरोध में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए किया गया था। 1977 में आपातकाल के बाद, जनसंघ का विलय 'जनता पार्टी' में हुआ ताकि कांग्रेस के एकाधिकार को चुनौती दी जा सके।

हालांकि, दोहरी सदस्यता (आरएसएस से जुड़ाव) के मुद्दे पर जनता पार्टी में मतभेद उत्पन्न हुए, जिसके परिणामस्वरूप 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान में भारतीय जनता पार्टी का औपचारिक गठन हुआ।

'अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा'

पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन में अटल बिहारी वाजपेयी को अध्यक्ष चुना गया। उसी मंच से उन्होंने अपने ऐतिहासिक भाषण में कहा था, "अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।" शुरुआती वर्षों में पार्टी को कड़ा संघर्ष करना पड़ा। 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात्र 2 सीटें मिली थीं, लेकिन पार्टी ने अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया।

लालकृष्ण आडवाणी की 'राम रथ यात्रा'

भाजपा की विचारधारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'एकात्म मानववाद' और 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उत्थान) पर आधारित है। 1990 के दशक में लालकृष्ण आडवाणी की 'राम रथ यात्रा' ने पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया। 1996 में भाजपा पहली बार सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और 1998-2004 के दौरान अटल जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पोखरण परमाणु परीक्षण और स्वर्णिम चतुर्भुज जैसे कार्यों से भारत को नई शक्ति दी।

2014 का चुनाव BJP का टर्निग पॉइंट

2014 के आम चुनाव भाजपा के इतिहास में टर्निंग पॉइंट साबित हुए। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने पहली बार पूर्ण बहुमत प्राप्त किया और 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ सत्ता में आई। 2019 और फिर 2024 के चुनावों में भाजपा ने अपनी सफलता को दोहराया। इस दौरान अनुच्छेद 370 की समाप्ति, राम मंदिर निर्माण और डिजिटल इंडिया जैसे बड़े फैसलों ने भाजपा के वैचारिक एजेंडे को धरातल पर उतारा।

विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक दल

अक्टूबर 2022 के आंकड़ों और वर्तमान विस्तार के अनुसार, 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। बूथ स्तर तक फैला इसका मजबूत सांगठनिक ढांचा ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। आज पार्टी न केवल केंद्र में, बल्कि देश के बड़े हिस्से में शासन कर रही है और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

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