

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में रेडी पटरी वालों, किसानों को उर्वरक में सब्सिडी देने, चेनाब नदी पर हाइड्रोप्लांट बनाने सहित सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। जिसकी जानकारी आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी।
अनुराग ठाकुर ने कहा, "आज निर्णय लिया गया है कि पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) को अब दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया जाएगा।" उन्होंने कहा, "स्वनिधि से समृद्धि योजना के अंतर्गत अब तक विभिन्न योजनाओं से 16.7 लाख लाभार्थियों को फायदा मिला है। वेंडिंग जोन भी 5800 से बढ़ाकर 10500 कर दिए गए हैं... हमारा लक्ष्य है कि 2024 तक 40 लाख वेंडर को लाभ पहुंचाया जाए।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "‘हमारे पास 4जी इंटरनेट है लेकिन नक्सली हिंसा से प्रभावित इलाकों में अभी तक 2जी इंटरनेट ही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2जी की 2,542 मोबाइल साइट को 4जी में बदलने के लिए 2,426 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दे दी है। ये सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है।'' उन्होंने कहा कि मोबाइल साइट को 4जी में उन्नत करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित नेटवर्क, रेडियो नेटवर्क और दूरसंचार उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।
ठाकुर ने कहा, ‘‘इन सभी साइटों का संचालन और उन्नयन बीएसएनएल द्वारा जाएगा।'' केंद्रीय मंत्री के अनुसार 2,542 मोबाइल साइटों में 346 आंध्र प्रदेश में हैं। जबकि 16 बिहार, 971 छत्तीसगढ़, 450 झारखंड, 23 मध्य प्रदेश, 125 महाराष्ट्र, 483 ओडिशा, 33 पश्चिम बंगाल, 42 उत्तर प्रदेश और 53 तेलंगाना में हैं।
ठाकुर ने बताया कि, ठाकुर ने बताया कि, पिछले पूरे वित्त वर्ष में इन पोषक तत्वों पर लगभग 57,150 करोड़ रुपये की सब्सिडी के मुकाबले सिर्फ खरीफ सत्र के लिए पीएंडके उर्वरकों पर 60,939 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) पर सब्सिडी बढ़ाकर 2,501 रुपये प्रति बोरी कर दी गई है और किसानों को 1,350 रुपये प्रति बोरी की दर से डीएपी मिलती रहेगी।
ठाकुर ने कहा कि डीएपी पर सब्सिडी 2020-21 में 512 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 2,501 प्रति बैग कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में उर्वरकों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों पर बोझ न बढ़े। पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना अप्रैल 2010 से लागू की जा रही है। एनबीएस नीति के तहत सरकार वार्षिक आधार पर नाइट्रोजन (एन), फॉस्फेट (पी), पोटाश (के) और सल्फर (एस) जैसे पोषक तत्वों पर सब्सिडी की दर तय करती है।
जम्मू-कश्मीर में नए हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंड़ी ने कहा, "केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर 540 मेगावाट की क्वार जलविद्युत परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से 1975 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी और यह 54 महीनों में चालू हो जाएगी।
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