वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए तैयार अयोध्या, 26 लाख दीपक और 2100 लोगों की महाआरती से गूंजेगी राम की नगरी

Ayodhya Guinness World Record: उत्तरप्रदेश के अयोध्या में दिवाली में महारिकॉर्ड बनने जा रहा है।इस दीपोत्सव में 26 लाख,11 हजार 101 दीपक जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने जा रहा है।
दिवाली पर अयोध्या में रचेगा नया इतिहास
दिवाली पर अयोध्या में रचेगा नया इतिहास (सौ.सोशल मीडिया)
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Ayodhya Diwali Festival 2025: देशभर में धनतेरस के साथ ही दीवाली की शुरुआत हो गई है। उत्तरप्रदेश के अयोध्या में दिवाली में महारिकॉर्ड बनने जा रहा है। इस दीपोत्सव के मौके पर एक साथ तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। यानि कि, इस दीपोत्सव में 26 लाख,11 हजार 101 दीपक जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसके लिए अयोध्या में रिकॉर्ड बनाने के लिए टीम पहुंच गई है। इससे पहले भी रामनगरी में दीपोत्सव पर रिकॉर्ड दर्ज हो चुके है लेकिन इस बार अयोध्या पर दीवाली का जश्न देखते ही बनने वाला है।

दीयों की रोशनी के साथ ही 2,100 लोगों द्वारा सामूहिक आरती का रिकॉर्ड भी मनाया जा रहा है। इस बार दीपोत्सव का प्लान क्या है और किस तरह से तैयारी की गई है चलिए जानते है।

150 सदस्यों की टीम पहुंची अयोध्या

अयोध्या के दीपोत्सव के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम लगभग 150 सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी है। यहां पर एक बार फिर दीपोत्सव के साथ इतिहास दोहराने की तैयारी की जा रही है। रिकॉर्ड में 26 लाख दीयों को शामिल किया जा रहा है। इसके लिए हाई-टेक सॉफ्टवेयर, ड्रोन और डिजिटल अकाउंटिंग के ज़रिए दीपों की गिनती की जाएगी, ताकि हर एक दीये का सटीक आंकड़ा सामने आ सके। इसे लेकर जानकारी में गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम के सदस्य निश्चल ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 25 लाख 12000 दीपक जलाए गए थे। बताया जा रहा है लक्ष्य के अनुसार, विश्व रिकॉर्ड बनाने में इस बार 26,11,101 दीपक जलाने का रिकॉर्ड बनाया गया है। राम की पैड़ी के तटों पर 29 लाख दीपक बिछाए जाएंगे।

2100 लोग करेंगे सरयू की महाआरती

इस भव्य आयोजन के लिए 190 लोगों की टीम दिन-रात काम में जुटी है और सिर्फ दीप ही नहीं, बल्कि सरयू की महाआरती भी इस साल इतिहास रचने वाली है. 2100 लोग एक साथ सरयू की महाआरती करेंगे और इसका भी रिकॉर्ड दर्ज कराने की तैयारी हो रही है. ड्राई रन के लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो हर मूवमेंट और संख्या पर पैनी नजर रखेगा. गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम के सदस्य निश्चल ने बताया कि हम तीन तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं- ड्राई रन, ड्रोन, और डिजिटल अकाउंटिंग, ताकि रिकॉर्ड एकदम पारदर्शी और प्रमाणिक हो।

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