असम में पुलिस कैंप पर रॉकेट से हमला! 4 कमांडो घायल; रात के अंधेरे में दागे गए 5 RPG गोले

Tinsukia Terror Attack: अधिकारियों ने बताया कि कैंप पर कम से कम पांच RPG गोले दागे गए। इनमें से चार कैंप के अंदर ही फट गए। उन्होंने यह भी बताया कि धमाकों के बाद गोलीबारी भी हुई।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Assam Police Camp RPG Attack: असम के तिनसुकिया जिले में अज्ञात आतंकवादियों ने रविवार तड़के एक पुलिस कमांडो कैंप पर कई रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) दागे, जिससे कम से कम चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। गवाहों के मुताबिक, हमला रात करीब 2 बजे शुरू हुआ और लगभग 20 मिनट तक चला। कैंप में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि रात 2:01 बजे हमने पहली आवाज सुनी। इसके बाद संदिग्ध मोर्टार से कई धमाके हुए। यह हमला लेखापानी पुलिस स्टेशन के जगुन चौकी के तहत 10th मील (mile) इलाके के पास स्थित कैंप पर हुआ।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि ये बेहद निंदनीय है। सेना और पुलिस ने उग्रवाद-विरोधी अभियान शुरू कर दिया है। मुझे लगता है कि जिन्होंने भी यह किया है, वे निश्चित रूप से पकड़े जाएंगे।

धमाकों के बाद हुई गोलीबारी

बता दें कि यह इलाका असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के करीब एक संवेदनशील क्षेत्र है। अधिकारियों ने बताया कि कैंप पर कम से कम पांच RPG गोले दागे गए। इनमें से चार कैंप के अंदर ही फट गए। उन्होंने यह भी बताया कि धमाकों के बाद गोलीबारी भी हुई। घायल कमांडो को फिलहाल कैंप में इलाज किया जा रहा है। उनकी चोटों की गंभीरता के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने अभी तक हताहतों या हुए नुकसान के संबंध में कोई विस्तार से बयान जारी नहीं किया है।

असम के दूसरे हिस्सों में बढ़ाई गई सुरक्षा

तिनसुकिया के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मयंक कुमार झा की अगुवाई में सीनियर पुलिस अधिकारियों की एक टीम घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले के बाद पूरे तिनसुकिया जिले और ऊपरी असम के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पिछले साल अक्टूबर में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जब कुछ संदिग्ध उग्रवादियों ने तिनसुकिया के काकोपाथर में भारतीय सेना के एक कैंप पर गोलीबारी की थी, इसमें तीन सैनिक घायल हो गए थे।

सीएम हिमंता ने हमले की निंदा की

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह हमला बेहद निंदनीय है। सेना और पुलिस ने मिलकर उग्रवाद-विरोधी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि दोषी जल्द ही पकड़े जाएंगे।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले

यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया गया है। पिछले साल अक्टूबर में भी तिनसुकिया के काकोपाथर में भारतीय सेना के कैंप पर चलती गाड़ी से गोलीबारी की गई थी, जिसमें तीन सैनिक घायल हुए थे। उस समय भी हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे थे।

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