

NDA Passing Out Parade 150th Course: एनडीए (National Defence Academy) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड कार्यक्रम का भव्य आयोजन शनिवार को पुणे में किया गया। इस दौरान परेड का निरीक्षण सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने पासआउट हो रहे कैडेट्स को संबोधित करते हुए अपने 42 वर्षों के सैन्य जीवन के अनुभव साझा किया। इस कार्यक्रम के साथ ही 355 कैडेट भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल हो गए।
बता दें कि समारोह का आयोजन खेतपाल परेड ग्राउंड में किया गया, जहाँ स्नातक कैडेटों ने सेना, नौसेना और वायु सेना में शामिल होने से पहले सैन्य अनुशासन और सटीकता का प्रदर्शन करते हुए मार्च किया। 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि बेहद गौरवपूर्ण और व्यक्तिगत रूप से विशेष है। 42 साल पहले मैं इसी परेड ग्राउंड से गुजता था। आज जब मैं अपनी वर्दी उतारने की तैयारी कर रहा हूं और आप अपनी वर्दी पहनने जा रहे हैं, तो मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि एनडीए में जो शुरू होता है, वह जीवन भर आपके साथ रहता है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड कमांडर, सभी कैडेट्स और पुरस्कार विजेताओं की सराहना की व ‘चीता स्क्वाड्रन’ को विशेष बधाई दी। इस दौरान उन्होंने 12 मित्र देशों से आए चार विदेशी कैडेट्स का भी जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग देशों से आए ये युवा एक ही मूल्यों और एक ही मिट्टी से जुड़कर जा रहे हैं।
सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए ऑपरेशन सिंधु' का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज खतरे वर्दी में या घोषित मोर्चे पर नहीं आते। 'ऑपरेशन सिंधु' ने साबित किया है कि राष्ट्रीय शक्ति को कितनी सटीकता और दृढ़ता से प्रदर्शित किया जा सकता है।
सेना प्रमुख ने महिला कैडेट्स का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि महिला कैडेट्स हर मानक पर खरी उतरी हैं। युद्ध और सेवा लिंग-निरपेक्ष होती है। उन्होंने उनके परिवारों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनका समर्थन किया और एनडीए मे शामिल होने के उनके सपनो को पूरा करने में मदद की।
जनरल द्विवेदी ने प्रशिक्षकों और स्टाफ की मेहनत की तारीफ की और पासआउट कैडेट्स को 'सेवा परमो धर्मः' (अर्थात निःस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करना ही मानव का सबसे बड़ा कर्तव्य और सबसे बड़ा धर्म है) का स्मरण कराते हुए कहा कि इस पेशे का मूल मंत्र है।
सेना प्रमुख ने संयुक्तता पर जोर देते हुए कहा कि तीनों सेनाओं की एकता एनडीए की नींव है। उन्होंने युवा अधिकारियों को तीन गुणों रवैया (एटीट्यूड), एडेप्टेबिलिटी और क्षमता (कॉम्पेटेंस) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। बता दें कि एनडीए की पासिंग आउट परेड देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य कार्यक्रमों में से एक है, जिसमें हर साल सैकड़ों कैडेट थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी के रूप में शामिल होते हैं।