पद से ज्यादा देश का युवा जरूरी.. अमित शाह का बड़ा बयान, गिनाईं धर्मेंद्र प्रधान की 4 साल की बड़ी उपलब्धियां

Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह ने कहा देश और युवा किसी भी पद से बड़े हैं। उन्होंने प्रधान के शिक्षा सुधारों की सराहना करते हुए PM मोदी के फैसलों की तारीफ की।
amit shah on dharmendra pradhan resignation
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान (सौजन्य-IANS)
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Amit Shah on Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए देश, देशवासी और युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए देश, हमारे युवा और छात्र किसी भी पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अपने पद से इस्तीफा इसी सिद्धांत का उदाहरण है।

मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के खिलाफ जरूरी सुधार लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पीएम मोदी द्वारा लिए गए फैसले तारीफ के काबिल हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि ये कदम NEET परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को पूरा न्याय दिलाएंगे।

अमित शाह ने गिनाए धर्मेंद्र प्रधान के कार्य

अमित शाह ने आगे धर्मेंद्र प्रधान की उपलब्धियां गिनाते हुए लिखा, "अपने कार्यकाल के दौरान, धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से लागू करने, मातृभाषा में परीक्षा की व्यवस्था करने, पीएम श्री स्कूलों का विस्तार करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास और उद्योग-शिक्षा जगत के बीच तालमेल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।"

https://twitter.com/AmitShah/status/2081080323564335615

परीक्षा प्रणाली को और अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में उनके प्रयास भी उल्लेखनीय रहे हैं। उनका कार्यकाल भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं।

उन्होंने लिखा कि भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। 3 मई को हुई नीट यूजी की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई।

सीबीटी मोड में आयोजित होगी परीक्षा

भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया और पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए सरकार का समग्र दृष्टिकोण के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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