PM मोदी के बाद 'महामहिम' के दरबार पहुंचे अमित शाह, जानिए क्या बड़ा होने वाला है?

Amit Shah meets President Droupadi Murmu: पीएम नरेन्द्र मोदी की मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे। जिसके बाद कयासों का बाजार गरमा गया है।
amit-shah-meets-president-after-pm-modi-peculations-rise
अमित शाह ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Amit Shah Meets President Droupadi Murmu: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार शाम राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति से मुलाकात के कुछ घंटों बाद हुई। इन दोनों मुलाकातों के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन्हें लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं।

यह मुलाकात संसद में विपक्ष द्वारा किए जा रहे हंगामे के बीच हुई है। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची सत्यापन के मुद्दे पर चर्चा की विपक्ष की मांग को लेकर संसद में गतिरोध बना हुआ है। 21 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने के बाद से संसद में बहुत कम काम हुआ है।

जानिए क्या बड़ा होने वाला है?

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री की राष्ट्रपति मुर्मू से यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से निर्यात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। इसके अलावा 4 अगस्त को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण खेल विधेयक पारित कराने पर ज़ोर दे सकती है। बिहार में चल रहे एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की एकजुट मांग को सत्तारूढ़ गठबंधन से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। राज्यसभा ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त से 6 महीने के लिए बढ़ाने के गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को सोमवार को पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है।

अब तक ढंग से नहीं चला है सदन

पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा और राज्यसभा में हुई दिवसीय चर्चा को छोड़कर 21 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने के बाद से संसदीय कार्यवाही लगभग ठप रही है। विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रक्रिया को लागू करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि केवल योग्य मतदाता ही मतदान कर सकें। संसद में एसआईआर पर चर्चा की मांग पर सरकार द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने के कारण विपक्ष लगातार संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है।

विधेयक पारित करवाएगी सरकार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि विपक्ष की मांग पर नियमों के अनुसार निर्णय लेना दोनों सदनों के अध्यक्ष का काम है। वहीं सूत्रों के मुताबिक यदि संसद में व्यवधान के कारण सरकार का एजेंडा बाधित होता रहा, तो वह शोर-शराबे के बावजूद अपने प्रमुख विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

ये बैठकें जगदीप धनखड़ द्वारा 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लगभग दो सप्ताह बाद हुई हैं। चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान करने के पात्र हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com