पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, जानिए क्या कहा

Amit Shah News: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद से विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। अब इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा।
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अमिल शाह, फोटो: सोशल मीडिया
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Amit Shah on Jagdeep Dhankhar: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों और स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से दिया गया था।  शाह ने साफ कहा कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है और इस विषय को अनावश्यक रूप से खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

अमित शाह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के रूप में पूरी निष्ठा से अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने हमेशा संविधान के अनुरूप कार्य किया और देशहित को सर्वोपरि रखा। शाह ने आगे कहा कि उनके इस्तीफे को लेकर विपक्ष का शोर मचाना उचित नहीं है क्योंकि यह उनका निजी और स्वास्थ्य से जुड़ा निर्णय था।

राहुल गांधी ने खड़े किए थे सवाल

धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आखिर हम नए उपराष्ट्रपति का चुनाव क्यों कर रहे हैं। पुराने उपराष्ट्रपति कहां चले गए, यह किसी को पता ही नहीं। राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे पारदर्शिता की कमी बताया था।

विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर शाह का हमला

अमित शाह ने इस मौके पर विपक्षी गठबंधन INDIA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रेड्डी ने अपने कार्यकाल में सलवा जुडूम जैसे प्रयासों को खारिज कर दिया था। इसके कारण आदिवासियों का आत्मरक्षा का अधिकार कमजोर हुआ और नक्सलवाद को लंबे समय तक पनपने का मौका मिला। शाह के मुताबिक वामपंथी विचारधारा ही उनके चयन का मुख्य कारण रही होगी।

उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां

चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की थी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को हुई। 25 अगस्त नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी। अब 9 सितंबर को मतदान होगा और इसी दिन मतगणना भी की जाएगी।

एनडीए ने इस चुनाव के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी पर दांव लगाया है। अब सभी की नजरें 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव पर टिकी हैं, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी रणनीति को परखने की तैयारी में हैं।

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