असम में बाढ़ राहत सामग्री में धांधली का आरोप, अखिल गोगोई ने की गार्जियन मिनिस्ट बोराह को पद से हटाने की मांग

Assam Corruption Allegation: असम में बाढ़ से मची तबाही के बीच विधायक अखिल गोगोई ने राहत कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए मंत्री बिमल बोराह को पद से हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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विधायक अखिल गोगोइ सोशल मीडिया
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Assam Flood Relief Corruption Allegations: असम में बाढ़ की विनाशकारी स्थिति के बीच अब राजनीतिक गलियारों में भी उबाल आ गया है। रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई ने राहत कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

'गार्जियन मिनिस्टर' बिमल बोराह को हटाने की उठी मांग

विधायक अखिल गोगोई ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए असम के मंत्री बिमल बोराह को उनके पद से हटाने की कड़ी मांग की है। बिमल बोराह वर्तमान में शिवसागर जिले के 'गार्जियन मिनिस्टर' के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। गोगोई का आरोप है कि शिवसागर और चराइदेव जिलों में बाढ़ राहत सामग्री के वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात किया गया है, जिसके लिए सीधे तौर पर मंत्री जिम्मेदार हैं।

राहत वितरण में भेदभाव और अपात्रों को लाभ का आरोप

गोगोई ने सनसनीखेज दावा किया कि राहत कार्यों के दौरान प्रशासन ने भारी भेदभाव किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ की विभीषिका झेल रहे कई असली पीड़ित परिवारों को सरकारी मदद से वंचित रखा गया, जबकि ऐसे कई लोगों को राहत सामग्री बांट दी गई जो इसके हकदार नहीं थे। उनके अनुसार, लाभार्थियों के चयन में निष्पक्षता के बजाय राजनीतिक रसूख को प्राथमिकता दी गई, जिससे जरूरतमंद लोग आज भी दाने-दाने को मोहताज हैं।

मुसीबत के समय भाजपा नेताओं की अनुपस्थिति पर तंज

भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए अखिल गोगोई ने कहा कि जब बाढ़ के शुरुआती दिनों में जनता संकट में थी और उन्हें मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब भाजपा का कोई भी नेता जमीन पर नजर नहीं आया। उन्होंने दावा किया कि उस कठिन समय में केवल रायजोर दल के कार्यकर्ता ही बचाव और राहत कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए थे। गोगोई के अनुसार, भाजपा के पदाधिकारी राहत कार्यों में तब शामिल हुए जब इन गतिविधियों ने मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचना शुरू किया।

राहत सामग्री का दुरुपयोग और आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई

मंत्री बिमल बोराह पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए गोगोई ने कहा कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों के बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं और वार्ड सदस्यों के जरिए राहत सामग्री बंटवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक भाजपा वार्ड सदस्य ने पीड़ितों के लिए आई सामग्री का गलत इस्तेमाल किया। विधायक ने यह भी दावा किया कि जब स्थानीय लोगों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, तो आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय, मामला उठाने वाले व्यक्ति को ही गिरफ्तार कर लिया गया, जो प्रशासन की तानाशाही को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और सहायता की अपील

अखिल गोगोई ने राज्य सरकार द्वारा घोषित 15,000 रुपए की आर्थिक सहायता में भी विफलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिवसागर और चराइदेव के कई जरूरतमंद परिवारों को अब तक यह राशि नहीं मिली है। गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से आग्रह किया है कि लाभार्थियों की सूची राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बजाय निष्पक्ष सरकारी अधिकारियों द्वारा तैयार करवाई जाए ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके।

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असम में बाढ़ का मौजूदा हाल: 98 लोगों की मौत

असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। वर्तमान में राज्य के 13 जिलों में 1.55 लाख से ज्यादा लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। दुखद बात यह है कि बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 98 हो गई है। ऐसे कठिन समय में राहत कार्यों में पारदर्शिता की मांग ने सरकार की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

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