एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया, फोटो- सोशल मीडिया
Inderpal Singh Walia New Chief Eastern Air Command: भारतीय वायु सेना (IAF) की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ईस्टर्न एयर कमांड को नया नेतृत्व मिल गया है। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने 2 फरवरी 2026 को नए एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने एयर मार्शल सूरत सिंह की जगह ली है, जो 31 जनवरी को 39 साल की लंबी सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं।
ईस्टर्न एयर कमांड की कमान संभालने से पहले एयर मार्शल वालिया इसी हेडक्वार्टर में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के तौर पर कार्यरत थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से की और 1988 में एक फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायु सेना में शामिल हुए। उनके पास 3,200 घंटे से ज्यादा का फ्लाइंग अनुभव है और उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वे अपनी पूरी सर्विस के दौरान कभी किसी दुर्घटना या घटना में शामिल नहीं हुए।
एयर मार्शल वालिया को कई तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने MiG-21, MiG-23, MiG-27, Jaguar और Su-30 MKI के सभी वर्जन उड़ाए हैं। वह एक महत्वपूर्ण फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग रहने के साथ-साथ एक MiG-27 स्क्वाड्रन का नेतृत्व भी कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने वायु सेना के प्रतिष्ठित संस्थान TACDE (टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट) की कमान भी संभाली है।
वालिया का अनुभव केवल उड़ान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और स्टाफ भूमिकाएं भी निभाई हैं:
• विदेशों में ट्रेनिंग: उन्होंने यूके (UK) में एडवांस कमांड एंड स्टाफ कोर्स पूरा किया और बांग्लादेश के नेशनल डिफेंस कॉलेज में हायर डिफेंस प्लानिंग की पढ़ाई की।
• राजनयिक भूमिका: उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया में भारतीय दूतावासों में डिफेंस अटैची (Defence Attaché) के तौर पर काम किया है।
• अहम स्टाफ रोल: वे एयर हेडक्वार्टर में ट्रेनिंग के असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ और वेस्टर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
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ईस्टर्न एयर कमांड को नया नेतृत्व ऐसे समय में मिला है जब देश की सीमाओं की सुरक्षा और वायु सेना का आधुनिकीकरण प्राथमिकता पर है। वालिया एक फाइटर स्ट्राइक लीडर होने के साथ-साथ इंस्ट्रूमेंट रेटिंग इंस्ट्रक्टर और एग्जामिनर भी हैं, जिससे उनके नेतृत्व में कमांड की युद्धक क्षमताओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।