अहमदाबाद विमान हादसा: 260 मौतों के एक साल बाद भी इंसाफ अधूरा, नम आंखों से पीड़ितों ने दी अपनों को श्रद्धांजलि

Air India AI-171 Crash: अहमदाबाद प्लेन क्रैश के एक साल बीतने पर पीड़ितों के परिजनों ने घटनास्थल पर दी श्रद्धांजलि। 260 जिंदगियां लीलने वाले इस हादसे में अब भी जांच रिपोर्ट और मुआवजे पर घमासान जारी है।
Ahmedabad Plane Crash: Justice remains elusive even a year after 260 deaths; bereaved families paid tearful tributes to their loved ones.
अहमदाबाद विमान दुर्घटना की बरसी (सोर्स सोशल मीडिया)
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Ahmedabad Plane Crash First Anniversary: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए उस भयावह विमान हादसे को आज एक साल पूरा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे की पहली बरसी पर शुक्रवार को पीड़ितों के परिजन मेघानीनगर स्थित घटनास्थल पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने नम आंखों से अपने बिछड़े हुए प्रियजनों को श्रद्धांजलि दी।

यह वही स्थान है जहां एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें यात्रियों, क्रू सदस्यों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित लगभग 260 लोगों की जान चली गई थी।

माँ ने बहुत कोशिश भाई को बचाने की

गुजरात में उस जगह पर पहुचनें वालों में काजल भी शामिल थी। जिसके छोटे भाई आकाश की जान चली गई। काजल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जब वह हादसा हुआ। तब मेरा भाई वहीं सो रहा था। हमारा घर वही पास में ही था और जब मुझे पता चल की प्लेन क्रैश हो गया है। जब में दुर्घटना स्थल पर पहुंची तो मुझे यह एहसास हुआ कि हादसा मेरी माँ के होटल के सामने हुआ था। मैंने तुरंत अपनी बहन और दादी को फोन किया और सारी घटना क्रम से बतायी। हालांकि शुरू में किसी ने मुझे नहीं बताया कि मेरा भाई आकाश भी हादसे की चपेट में आ गया है। काजल ने मीडिया से बातचीत में यह भी बताया कि जब प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ उस समय मेरा भाई सो रहा था। मेरी माँ ने बहुत कोशिश की उसको बचाने की लेकिन समय रहते उस तक पहुंच नहीं पाए।

बेटे से मिलने ब्रिटेन जा रहे थे

खेड़ा के प्रमोद और उनकी पत्नी अहमदाबाद प्लेन हादसे वाली जगह पर पहुचने वाले है। वह बुजुर्ग रजनीकान्त चिमनलाल दर्जी और पुष्पाबेन दर्जी के भाई और भाभी थे। जिनकी प्लेन हड़से में मौत हो गई थी। रजनीकान्त और अपनी पत्नी के साथ पहली बार अपने बेटे से मिलने ब्रिटेन जा रहे थे।

उनके परिवार वालों ने बताया कि वह बहुत मुश्किलों से पाला - पोसा और उसी कॉलेज में डॉक्टर बनाया। सफल होने के बाद बेटे ने अपने माता -पिता को फोन करके अपने पास ब्रिटेन बुला लिया। लेकिन किसे पता था,अपने बेटे से मिलने से पहले ही एक भयानक बड़ी दुर्घटना का शिकार हो गए।

दुख और कई अनकहे सवाल

इस हादसे की पहली बरसी पर पीड़ितों के परिवार वाले दुख और कई अनकहे सवालों से जूझ रही है। यह पर अनिल पटेल भी शामिल थे, जिन्होंने इस हादसे में अपने बेटे हर्षित पटेल और बहु को खो दिया। अनिल पटेल ने सरकार से बिना किसी देरी के जांच से जुड़े किसी भी उपलब्ध निष्कर्ष को जारी करने के लिए आग्रह किया है। मीडिया से बात करते हुए अनिल पटेल ने बताया कि पीड़ित परिवारों को हालत के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहियें। उन्हे हादसा की वजह क्या थी?

उहोने यह भी कहा कि मैं गुजारिश करता हूं कि जो भी रिपोर्ट उपलब्ध हो उसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाए। बता दें की एयर इंडिया का प्लेन एआई-171 का ये हादसा पिछले साल 12 जून को हुआ था। जब लंदन गैटविक जाने वाला विमान उड़ान भरने के कुछ देर बाद अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में लगभग 260 लोगोनों की जान गई थी।

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