

ADR Rajya Sabha MPs Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने हालिया में राज्यसभा सांसदों की आर्थिक स्थिति और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताया गया है। यह रिपोर्ट राज्यसभा के वर्तमान 233 सदस्यों में से 226 सांसदों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथपत्रों (हलफनामों) के विश्लेषण पर आधारित है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा के 90 प्रतिशत से अधिक सांसद करोड़पति हैं, जबकि केवल चार सांसद ऐसे हैं जिनकी कुल घोषित संपत्ति 20 लाख रुपये से कम है। 226 राज्यसभा सांसदों की कुल घोषित संपत्ति लगभग 26,047 करोड़ रुपये है। वहीं अगर प्रति सांसद औसत संपत्ति की बात की जाए तो यह करीब 115.25 करोड़ रुपये बैठती है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि उच्च सदन में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से संपन्न प्रतिनिधि मौजूद हैं। आइए आपको बताते हैं कि ADR ने अपनी रिपोर्ट में और क्या-क्या खुलासे किए हैं।
ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 226 सांसदों में से 69 सांसदों यानी लगभग 31 प्रतिशत के खिलाफ विभिन्न प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 36 सांसदों यानी 16 प्रतिशत पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर मामलों में वे अपराध शामिल हैं जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एक राज्यसभा सांसद पर हत्या का मामला दर्ज है, जबकि चार सांसदों पर हत्या के प्रयास के आरोप हैं। इसके अलावा चार सांसद ऐसे हैं जिनके खिलाफ महिलाओं के प्रति अत्याचार से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं।
वहीं अगर गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो भाजपा के 14, कांग्रेस के 8, तृणमूल कांग्रेस के 2, डीएमके के 1, समाजवादी पार्टी के 1, टीडीपी के 1, बीआरएस के 1, सीपीआई(एम) के 2, एनसीपी के 1 और आम आदमी पार्टी के 1 सांसद का नाम शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा के 100 सांसदों के पास 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। वहीं 41 सांसदों की संपत्ति 5 से 10 करोड़ रुपये के बीच है। जबकि 66 सांसदों के पास 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की संपत्ति दर्ज की गई है। इसके अलावा 15 सांसदों की संपत्ति 20 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है, जबकि केवल चार सांसदों के पास 20 लाख रुपये से कम की संपत्ति है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा के 31 सांसद, यानी लगभग 14 प्रतिशत सदस्य अरबपति हैं। इन सांसदों की घोषित संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है। अरबपति सांसदों में भारतीय जनता पार्टी के 7, कांग्रेस के 6, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 2, टीडीपी के 2, बीआरएस के 2 तथा एनसीपी के 2 सांसद शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार संपत्ति के मामले में तेलंगाना राज्य सबसे आगे दिखाई देता है। राज्यसभा में तेलंगाना के सात सांसदों में से चार सांसद अरबपति हैं। इन सात सांसदों की कुल संपत्ति 8,310 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
जहां कुछ सांसद हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं कुछ सांसदों की घोषित संपत्ति काफी कम है। पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद संत बलबीर सिंह सबसे कम संपत्ति वाले सांसद हैं। उनके पास केवल 3.79 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज की गई है।
दूसरे स्थान पर सीपीआई(एम) के सांसद ए.ए. रहीम हैं, जिनकी कुल संपत्ति 11.62 लाख रुपये है। वहीं तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद सुमित्रा वाल्मीक हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 17.85 लाख रुपये है।
रिपोर्ट में केवल संपत्ति ही नहीं, बल्कि सांसदों की देनदारियों का भी उल्लेख किया गया है। झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी पर सबसे अधिक देनदारी है। उनकी कुल संपत्ति 755 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन उन पर 256 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज भी है।
देनदारी के मामले में दूसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश से टीडीपी सांसद बी. रामा कृष्णा हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 672 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है। वहीं इस सूची में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन का नाम भी शामिल हैं। उनके पास 1,578 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जबकि उन पर 149 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है।