भारत को ‘लहुलुहान’ करते रहते हैं ये 45 खूंखार आतंकी संगठन, जानिए किस-किस का है पाकिस्तान से कनेक्शन?
पहलगाम अटैक में 'द रेजिस्टेंस, फ्रंट' का नाम सामने आने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि भारत में और कितने ऐसे आतंकी संगठन हैं जिनका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से है।
- Written By: अभिषेक सिंह
सांकेतिक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली: केसर की क्यारी यानी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम को नापाक आतंकियों ने 28 पर्यटकों के लहू से लाल कर दिया। इस हमले की पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी आतंकी संगठन ‘टीआरएफ’ यानी ने जिम्मेदारी ली है। इस घटना में ‘द रेजिस्टेंस, फ्रंट’ का नाम सामने आने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि भारत में और कितने ऐसे आतंकी संगठन हैं जिनका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से है।
इस सवाल के जवाब सबसे पहले तो यह जानना ज़रूरी है कि इंडिया में एक-दो नहीं बल्कि कई आतंकवादी संगठन हैं, जिनका सीधा संबंध पाकिस्तान से है। इसके अलावा भी तमाम ऐसे भी आतंकी गुट हैं जो समय-समय पर भारत को दहलाते रहते हैं। तो चलिए जानते हैं वो कौन हैं…
केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले महीन यानी मार्च में देश की सुरक्षा पर प्रहार करने वाले 67 संगठनों की लिस्ट जारी की थी। जिन्हें यूएपीए यानी अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकी या गैरकानूनी घोषित किया जा चुका है। इनमें 45 आतंकी संगठन और 22 गैरकानूनी संगठन शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
100 बिलियन डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियां! नॉर्वे और भारत के बीच हुई बड़ी डील, आतंकवाद पर भी गरजे PM मोदी
Pakistan Militant Attack: खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला! आतंकियों ने थाने को बनाया निशाना, 3 की मौत
दिल्ली में लाल किला ब्लास्ट जैसे आंतकी हमले का अलर्ट, IED धमाका करने के फिराक में आतंकी, हाई अलर्ट पर राजधानी
पाकिस्तान में एक ही पोस्ट पर सेना अधिकारी और लश्कर आतंकी, ‘Operation Sindoor’ की बरसी पर आतंकियों के साथ जश्न
बब्बर खालसा इंटरनेशनल
इन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में सबसे पहला नाम बब्बर खालसा इंटरनेशनल का है। 1978 में बना बब्बर खालसा इंटरनेशनल एक चरमपंथी समूह है, जिसका गठन खालिस्तान की मांग को लेकर किया गया था। हाल ही में यह बात सामने आई है कि यह आतंकी संगठन पंजाब में हुए आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है और इसका संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से है।
FBI ने किया खुलासा
यह खुलासा किसी भारतीय एजेंसी की जांच में नहीं हुआ है, बल्कि अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को जिम्मेदार ठहराया है। यह पहली बार है जब आईएसआई का खालिस्तानी आतंकियों से सीधा संबंध सामने आया है।
पाकिस्तान समर्थित संगठन
आतंकी संगठनों की सूची में शामिल लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल-कायदा, अल उमर मुजाहिदीन, आदि का पाकिस्तान से सीधा संबंध है। इसके अलावा इन संगठंनों ने ‘टीआरएफ’ जैसे प्रॉक्सी संगठन भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि प्रतिबंधित आतंकी समूहों में से आधे या तो पाकिस्तान में स्थित हैं या फिर वहां से संचालित होते हैं। अधिकांश आतंकी संगठन और उनकी गतिविधियां पाकिस्तान से प्रायोजित हैं। अब पहलगाम में हमले के बाद इन पर और शिकंजा कसा जा सकता है।
लिस्ट में ये संगठन भी शामिल
प्रतिबंधि संगठनों की सूची में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, इस्लामिक स्टेट, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम, सीपीआई माओवादी, लिट्टे और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश, खालिस्तान कमांडो फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, जैश-ए- मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा/पसबन-ए-अहले हदीस, हरकत उल मुजाहिदीन, हिज्ब उल मुजाहिदीन, जम्मू एंड कश्मीर इस्मालिक फ्रंट, अल उमर मुजाहिदीन, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम, पीपल्स लिबरेशन आर्मी और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड इन असम के नाम शामिल हैं।
देश और दुनिया की सभी बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी, अखिल भारत नेपाली एकता समाज, तमिल नेशनल रिट्राइवल ट्रूप्स के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी), इंडिया मुजाहिदीन, कमतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन, गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी, इस्लामिक स्टेट, द खालिस्तान लिबरेशन फोर्स, नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड, तहरीक उल मुजाहिदीन, जमात उल मुजाहिदीन इंडिया, बांग्लादेश जैसे संगठन भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
