

Operation Sindoor Discussion in Parliament: बुधवार को विभिन्न रिपोर्टों में कहा गया है कि अगले मंगलवार, 29 जुलाई को संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार ने संसद में चल रहे मानसून सत्र में दोनों सदनों में विशेष चर्चा के लिए 16 घंटे का समय आवंटित किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह के बोलने की उम्मीद है, जबकि विपक्ष ने प्रधानमंत्री से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन और राष्ट्र को संबोधित करने की भी मांग की है।
वहीं एक न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक बुधवार को हुई, जिसमें 29 जुलाई को उच्च सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने का निर्णय लिया गया। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आम सहमति बनने के बाद अगले हफ्ते लोकसभा में एक विशेष चर्चा शुरू होने की संभावना है, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे का समय दिया जाएगा। विपक्षी दलों ने यह भी मांग की है कि ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहें।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मामले पर संसद में बोल सकते हैं। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक बुधवार को हुई। इस बैठक में 29 जुलाई को उच्च सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने का फैसला लिया गया और इसके लिए 16 घंटे का समय दिया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लिया, जिस पर विपक्ष की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई साथ ही इस पर राहुल गांधी ने भी पाएम मोदी पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ट्रम्प के दावों पर टिप्पणी की, कहा पिछले 73 दिनों में 25 बार वह दोहरा चुके हैं, जबकि पीएम मोदी पूरी तरह से चुप हैं, उन्हें केवल विदेश यात्रा करने और घर में लोकतांत्रिक संस्थानों को अस्थिर करने के लिए समय मिल रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ट्रंप के संघर्ष विराम के दावों पर एक भी प्रतिक्रिया नहीं दे पाए हैं, जिसे उन्होंने अब तक 25 बार दोहराया है। कांग्रेस सांसद ने कहा, जो लोग खुद को 'देशभक्त' कहते हैं, वे भाग गए हैं। प्रधानमंत्री एक भी बयान नहीं दे पा रहे हैं। ट्रंप 25 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने संघर्ष विराम की घोषणा की है। वह कौन हैं? यह उनका काम नहीं है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने एक बार भी जवाब नहीं दिया। यह हकीकत है। इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।