

Himachal Pradesh Civic Elections Results: हिमाचल प्रदेश नगर निगम चुनावों में रविवार को मतगणना की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने रविवार को चार में से तीन नगर निगमों मंडी, धर्मशाला और सोलन में अपना परचम लहराया। इसके अलावा सत्ताधारी कांग्रेस केवल पालमपुर जीतने में सफल रही।
चारों नगर निगमों के लिए 17 मई को वोटिंग हुई थी, जिसमें भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला था। नगर निगमों के अलावा 250 जिला परिषद वार्डों और 1,769 पंचायत समिति सदस्यों में से 1,684 सदस्यों के लिए भी वोटों की गिनती चल रही है।
17 सीटों में से भाजपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की जबकि कांग्रेस सिर्फ पांच सीटों तक ही सिमट गई और एक सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। मंडी में भाजपा ने 12 वार्ड जीतकर ज़बरदस्त जीत हासिल की जबकि कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक वार्ड जीता। एक वार्ड में नागरिक मुद्दों के हल न होने के कारण मतदाताओं ने वोटिंग का बहिष्कार किया।
मंडी में यह पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के लिए एक बड़ी लड़ाई थी, जिनका गृह जिला मंडी ही है। 2021 के चुनावों में जब वे मुख्यमंत्री थे, तो भाजपा ने 11 वार्ड जीते थे जबकि कांग्रेस को चार वार्ड मिले थे। सोलन में भाजपा ने आठ में से छह वार्ड जीते। कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट जीती। पालमपुर में जिन 10 वार्डों के नतीजे घोषित हुए, उनमें से कांग्रेस ने नौ वार्ड जीते। वहीं, धर्मशाला में 17 सदस्यों वाले नगर निकाय में जीतने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में निवर्तमान कांग्रेस मेयर नीनू शर्मा भी शामिल थीं जिन्होंने अपना वार्ड बरकरार रखा। हालांकि, कांग्रेस को अन्य वार्डों में झटका लगा, जहां भाजपा उम्मीदवारों ने आसानी से जीत हासिल की।
मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा (जो पहले कांग्रेस में थे) ने मीडिया से कहा कि ये नतीजे कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी और भाजपा में उनके बढ़ते भरोसे का साफ सबूत हैं।
सुधीर शर्मा ने कहा, "ये नतीजे साफ दिखाते हैं कि जनता ने भाजपा के पक्ष में और कांग्रेस के खिलाफ अपना फैसला सुनाया है।" उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पिछले चार सालों में राज्य के लोगों के बीच असंतोष पैदा करने के अलावा और कुछ नहीं किया है।
उन्होंने कहा, "सरकार कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और आम लोगों की शिकायतों को दूर करने में पूरी तरह नाकाम रही है। जनता का यही असंतोष अब आज के चुनावी नतीजों में साफ तौर पर झलक रहा है।"
उन्होंने कहा कि धर्मशाला के लोगों ने विकास, सुशासन और जन कल्याण पर केंद्रित राजनीति में अपना भरोसा जताया है। यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश में चल रही पहलों, गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत नेतृत्व का जनता द्वारा किया गया समर्थन है। जनता ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और भाजपा के काम करने के तरीके पर अपना भरोसा दोहराया है।
नगर निगम चुनाव 17 मई को हुए थे। नगर निगमों में कुल मिलाकर 63.44 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि पिछले चुनावों के मुकाबले कम था। निगमों में कुल 1,31,369 मतदाताओं में से 83,342 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। नगर निगमों में मंडी में सबसे ज्यादा 68.78 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि कांगड़ा में 63.72 प्रतिशत और सोलन में सबसे कम 58.32 प्रतिशत मतदान हुआ। धर्मशाला नगर निगम में मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत रहा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)