

Himachal Chamba Road Accident News In Hindi: हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चंबा जिले में एक बार फिर कुदरत और खराब रास्तों ने हंसते-खेलते परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं।
रविवार सुबह चंबा के नकरोड़-हिमगिरी मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हृदयविदारक घटना में कार सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह भीषण हादसा शनिवार देर रात हुआ था। अंधेरा होने और इलाका सुनसान होने के कारण रात के समय किसी को दुर्घटना का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह जब स्थानीय राहगीरों ने खाई में क्षतिग्रस्त कार देखी, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर रवाना हुई।
चंबा जिला के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार सकलानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। पुलिस टीम स्थानीय लोगों की मदद से मृतकों के शवों को गहरी खाई से बाहर निकालने के काम में जुटी है। एसपी ने कहा कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर यह हादसा मानवीय चूक की वजह से हुआ या कार में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी।
हैरानी की बात यह है कि चंबा जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। इससे पहले शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे भरमौर उपमंडल के सामरा-उरेई संपर्क मार्ग पर भी एक ऑल्टो कार 300 फीट गहरी खाई में गिर गई थी।
उस हादसे में भी 4 लोगों की जान गई थी, जिनमें से तीन की मौके पर मौत हुई और एक महिला ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा था। शनिवार के हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रहा है।
जून के महीने में चंबा जिले में हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। पहाड़ी और संकरे रास्तों पर तेज रफ्तार या लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो रही है। हाल ही में चूड़धार मंदिर से लौट रहे एक परिवार की गाड़ी भी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी और एक अन्य पिकअप हादसे में मां-बेटे समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी।
बार-बार हो रहे इन हादसों ने स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की सड़कों के रखरखाव की नीतियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, ताजा हादसे के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।