प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Himachal Pradesh Landslide: चंबा में हालिया जानकारी के अनुसार, अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य में सैकड़ों सड़कें, बिजली ट्रांसफॉर्मर और जल आपूर्ति योजनाएं ठप हो गई हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह बाधित हैं।
भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे का पंडोह डैम के पास का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से जमींदोज हो गया है। यहां हाईवे का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। फिलहाल, इस महत्वपूर्ण हाईवे की जल्द बहाली की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है, और यहां तक कि पैदल चलने के लिए भी रास्ता नहीं बचा है। हिमाचल प्रदेश में गुरुवार सुबह 10:00 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार, 535 सड़कें बंद हैं, 1,184 बिजली ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए हैं और 503 जल आपूर्ति योजनाएं ठप हैं।
राज्य के चंबा जिले में भूस्खलन से दो अलग-अलग घटनाओं में भाई-बहन समेत चार लोगों की मौत हो गई है। भरमौर के होली क्षेत्र के सलून गांव में नाले में अचानक आई बाढ़ से नौ घरों के बह जाने की सूचना है। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय विधायक ने एक वीडियो जारी कर पूरे गांव के बह जाने का दावा किया है।
#WATCH | Manali, Himachal Pradesh: Amid widespread cloudbursts, landslides, and flooding in different parts of the state, people are experiencing significant challenges in commuting. pic.twitter.com/v4sdErG8ex
— ANI (@ANI) August 29, 2025
इसी तरह, कांगड़ा जिले की बड़ा भंगाल पंचायत में रावी नदी के उफान पर आने से भारी नुकसान हुआ है। नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण यहां दो सरकारी स्कूल भवन, एक आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, पंचायत भवन और राशन डिपो पूरी तरह बह गए हैं। गांव को जोड़ने वाला पुल भी टूट गया है। मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों श्रद्धालु भी जगह-जगह फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को अब तक कुल 2,623 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। 20 जून से 27 अगस्त तक, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 310 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि 369 लोग घायल हुए हैं और 38 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान सड़क हादसों में भी 158 लोगों की मौत हुई है।
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इस मानसून सीजन में, राज्य में 42 बादल फटने और 82 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं में 2,719 कच्चे-पक्के घरों, 481 दुकानों और 3,192 पशुशालाओं को भारी नुकसान हुआ है। इस साल अगस्त में सामान्य से 62% और पूरे मानसून सीजन (20 जून से अब तक) में 30% अधिक बारिश हुई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।