क्या होती है वॉटर बर्थ डिलीवरी, नई स्टडी में मां और बच्चे के लिए बताया सुरक्षित
सामान्य बर्थ डिलीवरी से वॉटर बर्थ डिलीवरी अलग होती है जिसमें पानी के अंदर बच्चे को जन्म दिया जाता है। प्रसव पीड़ा के दर्द को कम करने का आधार इस डिलीवरी को माना जाता है इसमें महिला को पानी के अंदर ही प्रसव पीड़ा का बर्दाश्त करना पड़ता है। इसमें महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान गुनगुने पानी वाले टब में बैठाकर डिलीवरी करायी जाती है।
- Written By: दीपिका पाल
वॉटर बर्थ डिलीवरी (सोशल मीडिया)
एक महिला के जीवन में सबसे खास लम्हा होता है मां बनना, यह अहसास महिलाओं के लिए एक नए जन्म की तरह होता है जिसमें मां बनने के बाद वह अपनी नन्ही जान को देखकर सारे गम भूल जाती है। नौ महीने बच्चे को कोख में रखने के बाद डिलीवरी के साथ बाहर सुरक्षित निकाला जाता है। आपने सामान्य, सिजेरियन डिलीवरी का नाम तो सुना होगा लेकिन क्या आप वॉटर बर्थ डिलीवरी के बारे में जानते है। जैसा कि, नाम से ही जाहिर है यह डिलीवरी पानी के अंदर ही की जाती है। इसे लेकर एक स्टडी में दावा करते हुए मां और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित बताया है।
जानिए क्या होती है वॉटर बर्थ डिलीवरी
सामान्य बर्थ डिलीवरी से वॉटर बर्थ डिलीवरी अलग होती है जिसमें पानी के अंदर बच्चे को जन्म दिया जाता है। प्रसव पीड़ा के दर्द को कम करने का आधार इस डिलीवरी को माना जाता है इसमें महिला को पानी के अंदर ही प्रसव पीड़ा का बर्दाश्त करना पड़ता है। इसमें महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान गुनगुने पानी वाले टब में बैठाकर डिलीवरी करायी जाती है। इस डिलीवरी को लेकर नई शोध के दौरान दावा किया गया है कि, मां और बच्चे के लिए यह डिलीवरी सुरक्षित है। बता दें कि, वॉटर बर्थ कोई नई प्रक्रिया नहीं है बल्कि ये बहुत प्राचीन तरीका है, जिसे मिस्र और यूनान में इस तरीके का इस्तेमाल सदियों से अपनाया गया था।
स्टडी में बताया है सुरक्षित
वॉटर बर्थ डिलीवरी को लेकर रिसर्च की गई थी जिसे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित किया था जिसमें कहा गया कि, अन्काम्प्लकैटिड डिलवरी की स्थिति में बच्चे को पानी में जन्म देना सामान्य तरीके और सिजेरियन की तरह ही सुरक्षित है। इसे लेकर शोधकर्त्ताओं ने उन 87,000 से ज्यादा महिलाओं गर्भवती महिलाओं को स्टडी में शामिल किया जिनमें अन्काम्प्लकैटिड डिलवरी की स्थिति थी।
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इन महिलों के दर्द के अनुभव को आराम देने के लिए वॉटर बर्थ प्रक्रिया को अपनाया गया। टीम ने प्रसव के दौरान महिलाओं को होने वाले गंभीर दर्द दी हर का पता लगाया, साथ ही उन शिशुओं की संख्या का भी पता लगाया जिन्हें जन्म के बाद एंटीबायोटिक दवाओं या सांस लेने में मदद की आवश्यकता थी. शोधकर्ताओं के अनुसार, “पानी से बाहर जन्मे बच्चों की तुलना में पानी में जन्मे बच्चों में खतरा ज्यादा नहीं था।
20 में से एक महिला को हुआ दर्द
इस रिसर्च में यह भी पाया गया कि, 20 में से केवल एक महिला को दर्द महसूस हुआ है बाकि महिलाएं दर्द उभरी है। वहीं पर एक रिसर्च में यह भी आया था कि, पानी में जन्म के बाद बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं या मर भी सकते हैं साथ ही मां को गंभीर दर्द या ज्यादा ब्लड बह सकता है। इसे लेकर स्टडी में स्पष्ट करने के लिए रिसर्च और विश्लेषण सामने आए है। हर 100 नवजात में से तीन को एंटीबायोटिक्स या सांस लेने में मदद की आवश्यकता होती है, जबकि मौत की स्थिति दुर्लभ थी, पानी से बाहर जन्म देने वालों में छह की तुलना में वाटर बर्थ ग्रुप में सात दर्ज किया गया था।
जानिए कितनी है फायदेमंद यह डिलीवरी
इस वॉटर बर्थ डिलीवरी के फायदे भी होते है जो इस प्रकार है…
1- इस डिलीवरी में सामान्य डिलीवरी जितना दर्द नहीं होता है वहीं पर इस डिलीवरी में महिला व बच्चे दोनों को संक्रमण का खतरा कम होता है।
2- इस वॉटर बर्थ डिलीवरी में महिला के शरीर के हिसाब से टब में पानी की मात्रा को निर्धारित किया जाता है। इसके लिए टब में करीब 500 लीटर गुनगुना पानी रखा जाता है. टब की गहराई कम से कम ढाई से तीन फिट तक होती है।
3- डिलीवरी के महिला को लेबर पेन शुरू होने के कितने घंटे बाद महिला को टब में बैठना है इसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ ही निश्चित करते है।
4- वॉटर बर्थ में डिलीवरी के दौरान एंड्रोफिन हार्मोन ज्यादा बनते हैं, जिसके कारण दर्द कम होता है और दर्द कम होने से बच्चे को भी जन्म लेते समय बहुत कष्ट नहीं सहना पड़ता।
5- इस डिलीवरी में गर्भवती महिला को बीपी बढ़ने जैसी समस्या नहीं होती है गर्म पानी के कारण टिश्यू काफी सॉफ्ट हो जाते हैं जिसके कारण योनि में होने वाला खिचाव और टियरिंग भी कम होती है।
नुकसान भी है
इस डिलीवरी के फायदों के साथ नुकसान भी होते है जिसमें वॉटर बर्थ के दौरान अगर गर्भनाल मुड़ जाए तो बच्चे को समस्या हो जाती है क्योंकि बच्चे मां के साथ गर्भनाल से जुड़े होते हैं जिसका डिलीवरी के दौरान टूटने का डर होता है।
