जानिए भारतीय 12 महीनों के अनुसार आहार के नियम, कई गंभीर बीमारियों से मिलेगा छुटकारा
आज हम आपको भारतीय 12 महीनों के अनुसार क्या खाना चाहिए औऱ क्या नहीं इसके बारे में बता रहे है। इन महीनों के अनुसार खानपान सही रखने से सेहत आपकी अच्छी बनती है और आप हमेशा सेहतमंद बने रहते है।
- Written By: दीपिका पाल
जानिए 12 महीनों के अनुसार डाइट (सौ.सोशल मीडिया)
अच्छी सेहत के लिए खानपान का अच्छा होना बेहद जरूरी होता है तो वहीं पर बदलते मौसम के साथ खाने में भी बदलाव देखने के लिए मिलता है इसके लिए आज हम आपको भारतीय 12 महीनों के अनुसार क्या खाना चाहिए औऱ क्या नहीं इसके बारे में बता रहे है। इन महीनों के अनुसार खानपान सही रखने से सेहत आपकी अच्छी बनती है और आप हमेशा सेहतमंद बने रहते है।
आहार के नियम भारतीय 12 महीनों अनुसार
भारतीय महीनों के अनुसार क्या खाएं और क्या नहीं चलिए जानते हैं इसके बारे में
चैत्र ( मार्च-अप्रैल) –
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यह महीना गर्म होता है इस महीने में चने का सेवन करना चाहिए क्योकि चना आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। इसके अलावा इस चैत्र के महीने में नियमित नीम की 4 – 5 कोमल पत्तियों का सेवन करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है।
वैशाख (अप्रैल – मई)-
इस दौर में गर्मी का तापमान बढ़ने लगता है इसलिए आपको खानपान में ध्यान देना जरूरी होता है। इसके लिए आप बेल का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करे जो आपको स्वस्थ रखेगा। वहीं पर वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।
ज्येष्ठ (मई-जून) –
भारत में इस महीने में गर्मी का तापमान चरम पर होता है इस महीने में दोपहर में भरपूर नींद लेना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है। इस दौरान आप ठंडी छाछ , लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। वहीं पर आपको बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करना चाहिए नहीं तो बीमारी बढ़ सकती है।
अषाढ़ (जून-जुलाई) –
आषाढ़ के महीने में खाने की चीजों में आप आम , पुराने गेंहू, सत्तु , जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थ , ककड़ी, पलवल, करेला, बथुआ आदि का सेवन कर सकते है। आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
श्रावण (जुलाई-अगस्त) –
इस महीने में मानसून की दस्तक हो जाती है इस श्रावण के महीने में हरड का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं पर हरी सब्जियों का कम सेवन करने के दूध भी कम पीना चाहिए। यहां पर आप अपनी डाइट में भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को शामिल करें।
भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) –
इस महीने में आप खानपान के लिए हलके सुपाच्य भोजन की डाइट को ले सकते है। बारिश का मौसम होने से पेट में समस्याएं शुरू होने लगती है और पाचन क्रिया धीमी होती है इसके लिए भोजन सुपाच्य ही लेना चाहिए। इस महीने में चिता औषधि का सेवन करना चाहिए।
आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर) –
इस महीने में आप सेहत का ख्याल रखते हुए खानपान में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी पाचन शक्ति अच्छी होती है।
कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) –
इस कार्तिक के महीने में आपको अपने खानपान में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मुली आदि का सेवन करना चाहिए। कहते है इस मौसम में ठंडे पेय पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इस दौरान ठंड की शुरुआत होने लगती है।
अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) –
इस महीने के दौरान आपको ठंडी और अधिक गरम वस्तुओ का सेवन नहीं करना चाहिए।
पौष (दिसम्बर-जनवरी) –
इस महीने के दौरान आपको में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का सेवन करना चाहिए, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वास्थ्य देंगे। इसके अलावा ठन्डे, पुराना अन्न, मोठ, कड़वे भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
माघ (जनवरी-फ़रवरी) –
इस महीने में भी आपको खानपान में गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए आप अपनी डाइट में घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का सेवन करें शरीर में गर्माहट बनी रहेगी।
फाल्गुन (फरवरी-मार्च) –
इस महीने में गुड़ का सेवन आपके लिए फायदेमंद माना जाता है इसके लिए आप सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। वहीं पर चने का उपयोग न करे।
