जानिए क्या होती है नॉन-इनवेसिव हार्ट सर्जरी, 7 साल के कुत्ते को किया ठीक, भारत में पहली बार
भारत की राजधानी में मेडिकल की दुनिया में पहला चमत्कार हुआ है जहां पर 7 साल के कुत्ते में नॉन-इनवेसिव हार्ट सर्जरी की गई है।यह सर्जरी 7 साल के कुत्ते में की गई है जिसका नाम बीगल जूलियट है जिसे दो सालों से माइट्रल वॉल्व की बीमारी हो गई थी।
- Written By: दीपिका पाल
कुत्ते की हुई सर्जरी (सौ-सोशल मीडिया)
दुनियाभर में कई बड़ी बीमारियों के खतरे अनेकों है तो वहीं पर इनके इलाज पर भी काम किया जाता है। भारत की राजधानी में मेडिकल की दुनिया में पहला चमत्कार हुआ है जहां पर 7 साल के कुत्ते में नॉन-इनवेसिव हार्ट सर्जरी की गई है। बताया जा रहा है कि, कुत्ता पिछले दो सालों से माइट्रल वॉल्व की बीमारी से पीड़ित था जिसका इलाज होने के बाद सर्जरी की गई है।
कहां की गई सर्जरी
‘ईस्ट ऑफ कैलाश’ के मैक्स पेटज हॉस्पिटल में छोटे जानवरों के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर भानु शर्मा ने बताया कि, यह सर्जरी 7 साल के कुत्ते में की गई है जिसका नाम बीगल जूलियट है जिसे दो सालों से माइट्रल वॉल्व की बीमारी हो गई थी। जानवरों में होने वाली बीमारी एक ऐसी स्थिति है जिसमें जब माइट्रल वाल्व लीफलेट्स में अंदुरनी परिवर्तन होते हैं। इतना ही नहीं इस बीमारी में हार्ट के लेफ्ट साइड में ब्लॉकेज होने लगते हैं लेकिन इस सर्जरी के बाद हार्ट के अंदर ब्लड सर्कुलेशन वापस से ठीक हो जाते हैं, अगर इस बीमारी का इलाज वक्त रहते नहीं किया गया तो हार्ट फेल होने की संभावना हो सकती है।
दिल की बीमारी की दवा खा रहा था जूलियट
यहां पर बताया जाता है कि, जूलियट यानी जिसका हाल में ऑपरेशन हुआ है वह पिछले एक साल से जूलियट दिल की बीमारी वाली दवा खा रहा था. उन्होंने कहा कि जब वह अमेरिका में जब उन्हें इस सर्जरी का पता चला तो 2 साल पहले वह कोलोराडो राज्य यूनिवर्सिटी में इस सर्जरी के बारे में पता चला था। जहां पर अब सर्जरी के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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कैसे की जाती है सर्जरी
यहां पर बात करें तो, टीईईआर पूरी तरह से एक खास तरह के प्रोसेस पर काम करता है. इसमें धड़कते दिल में ट्रांस ओसोफेजियल 4 डी इकोकार्डियोग्राफी और फ्लोरोस्कोपी के तहत सर्जरी की जाती है. इसमें ऑपरेशन करने के लिए छाती पर एक छोटा सी चीरा लगाया जाता है. जिसके बाद एक कैथेटर के जरिए दो पाइप को अंदर डाला जाता है।
