ओवरथिंकिंग से राहत दिलाती है ये तीन औषधियों का मिश्रण, आयुर्वेदाचार्य से जानिए इनके सेवन के फायदे
Overthinking treatment Ayurveda: आयुर्वेद में ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी का मिश्रण तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग से राहत दिलाने में असरदार है। इसका सेवन नियमित करते है तो कई सारे फायदे मिलते है।
- Written By: दीपिका पाल
ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा का मिश्रण (सौ.सोशल मीडिया)
Brahmi Ashwagandha Shankhpushpi Benefits: आयुर्वेद में सभी बीमारियों का इलाज छिपा है जहां पर हर औषधि के फायदे शरीर के अंदरूनी दर्द को कम करते है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ओवरथिंकिंग, तनाव, चिंता और मानसिक थकान आम समस्या बन गई है। इस मिश्रण का नियमित सेवन इन समस्याओं से राहत दिला सकता है।आयुर्वेद में कई औषधियों को रामबाण माना गया है इसमें ही आपने ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी के बारे में तो सुना ही होगा। अगर इन तीनों औषधियों को एक साथ मिलाकर सेवन करते है तो तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग से राहत दिलाने में मदद करती है।
इन औषधियों को एक साथ लेने के फायदों के बारे में आयुर्वेदाचार्य भी बताते है। चलिए जान लेते है ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा के मिश्रण को एक साथ लेने के फायदों के बारे में।
मानसिक रूप से फायदेमंद होती है औषधि
यहां पर इन आयुर्वेदिक औषधियों में ब्राह्मी मस्तिष्क को पोषण देती है, याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाती है। अश्वगंधा तनाव हार्मोन को नियंत्रित कर शरीर को मजबूत बनाती है। शंखपुष्पी मन को शांत रखती है और बेहतर नींद लाती है। अगर हम एक साथ तीनों के मिश्रण का सेवन करते है तो, इनका सेवन हमारे मानसिक स्वास्थ्य को सुधारती हैं, नकारात्मक विचार कम करती हैं और भावनात्मक संतुलन बनाए रखती हैं। नियमित सेवन से मन शांत रहता है और रोजमर्रा की जिंदगी में सुकून मिलता है।
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जानिए सेवन करने का तरीका
आयुर्वेद के अनुसार इन तीनों ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी औषधि को सेवन करने का तरीका अलग है। इन तीनों को आप चूर्ण या सिरप के रूप में ले सकते है। आमतौर पर चूर्ण के रूप में समान अनुपात (1:1:1) में लिया जाता है। मिश्रण दिन में 2 बार गुनगुने दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। अश्वगंधा का मिश्रण गुनगुने दूध या शहद के साथ सुझाया जाता है, लेकिन सही मात्रा और तरीका व्यक्ति की प्रकृति (वात, पित्त, कफ) पर निर्भर करता है, इसलिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेकर ही लें।
जानें तीनों औषधि को एक साथ लेने के फायदे
यहां पर इन तीनों औषधियों में से ब्राह्मी मस्तिष्क का टॉनिक है। यह याददाश्त, एकाग्रता और बुद्धि को बढ़ाती है। ब्राह्मी में मौजूद बैकोसाइड्स मस्तिष्क की कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और न्यूरोट्रांसमीटर को संतुलित रखते हैं, जिससे चिंता और तनाव कम होता है। शंखपुष्पी मन को शांत करने वाली जड़ी-बूटी है। यह प्राकृतिक ट्रैंक्विलाइजर की तरह काम करती है, जो घबराहट, बेचैनी और ओवरथिंकिंग को दूर करती है।
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यह नींद की गुणवत्ता सुधारती है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखती है। अश्वगंधा एक शक्तिशाली एडाप्टोजेन है। यह कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को नियंत्रित करती है, जिससे शरीर और मन तनाव से बेहतर ढंग से निपट पाते हैं। यह ऊर्जा बढ़ाती है, थकान कम करती है और नींद में सुधार लाती है। तीनों का मिश्रण एक साथ मिलकर बेहतर काम करता है।
