आखिरकार 13 महीने बाद खुला शंभू और खनौरी बॉर्डर, लोगों ने राहत की सांस
किसान आंदोलन के चलते 1.25 लाख करोड़ की आर्थिक क्षति बतायी जा रही है। 13 महीने बाद शंभू और खनौरी बॉर्डर खुले लंबे समय तक बाधित रहने के बाद अब हरियाणा-पंजाब सीमा पर यातायात सामान्य हो गया है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
हरियाणा-पंजाब की सीमा के पास शंभू बॉर्डर और जींद जिले से सटा खनौरी बॉर्डर आखिरकार 13 महीने बाद गुरुवार को आवाजाही के लिए खोल दिया गया। लगभग 13 महीने बाद दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि सरकार की इस पहल के बाद लोगों के पैसे, इंधन व समय की बचत होगी। लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से इन 13 माह में पंजाब और हरियाणा ने सवा लाख करोड़ रुपये का नुकसान सीधे झेला है। पंजाब के कारोबार ने सबसे ज्यादा एक लाख करोड़ का नुकसान झेला है। हरियाणा और पंजाब का प्रशासन व पुलिस दिनभर शंभू बॉर्डर पर किसानों सारे ढांचे तोड़ रही है, ताकि रास्ते साफ हो सकें।
हरियाणा-पंजाब की सीमा के पास शंभू बॉर्डर और जींद जिले से सटा खनौरी बॉर्डर आखिरकार 13 महीने बाद गुरुवार को आवाजाही के लिए खोल दिया गया। लगभग 13 महीने बाद दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि सरकार की इस पहल के बाद लोगों के पैसे, इंधन व समय की बचत होगी। लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से इन 13 माह में पंजाब और हरियाणा ने सवा लाख करोड़ रुपये का नुकसान सीधे झेला है। पंजाब के कारोबार ने सबसे ज्यादा एक लाख करोड़ का नुकसान झेला है। हरियाणा और पंजाब का प्रशासन व पुलिस दिनभर शंभू बॉर्डर पर किसानों सारे ढांचे तोड़ रही है, ताकि रास्ते साफ हो सकें।
