गुजरात में स्वामी विवेकानंद पर्यटन सर्किट का ऐलान, पीएम मोदी ने रामकृष्ण मठ के कार्यक्रम में कहा- भारत दुनिया का सबसे युवा देश है
पीएम मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति देश की रीढ़ है, और अब समय आ गया है जब भारत के युवा जिम्मेदारी उठाएं। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है, और युवाओं ने वैश्विक मंच...
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
पीएम मोदी, फोटो - मीडिया गैलरी
गांधीनगर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में साणंद तालुका के लेखंबा में आयोजित रामकृष्ण मठ के कार्यक्रम में वर्चुअली हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी समृद्ध परंपरा, ज्ञान और सदियों पुरानी शिक्षाओं की नींव पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाज को प्रेरित करने में विज्ञान का असली मूल्य है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और अर्थव्यवस्था के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भारत अब दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति देश की रीढ़ है, और अब समय आ गया है जब भारत के युवा जिम्मेदारी उठाएं। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है, और युवाओं ने वैश्विक मंच पर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। यह युवा ही हैं, जो बड़ी कंपनियों को चला रहे हैं और देश के विकास में भागीदार हैं।
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पीएम मोदी ने सरकार की प्रतिबद्धता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया, जिसमें 1 लाख युवा नेताओं को राजनीति में लाने की योजना है। इस नए नेतृत्व से भारतीय राजनीति में एक नई दिशा आएगी। आध्यात्मिकता और सतत विकास के बीच संतुलन की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दोनों को जोड़कर ही एक बेहतर भविष्य संभव है। वे मानते हैं कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं हमें इस दिशा में मार्गदर्शन करेंगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और स्वामी विवेकानंद के योगदान को याद किया। उन्होंने राज्य में स्वामी विवेकानंद पर्यटन सर्किट के विकास की जानकारी दी और कहा कि यह राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए अहम कदम है। इस कार्यक्रम में रामकृष्ण मठ के संतों और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी भाग लिया।
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