

Gujarat Local Body Elections Voting Percentage: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए रविवार को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया, लेकिन इस बार शहरी इलाकों में वोटिंग का उत्साह अपेक्षाकृत कम रहा। भीषण गर्मी के बीच 15 नगर निगमों में 50 प्रतिशत से भी कम मतदान दर्ज किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग गुजरात के आंकड़ों के मुताबिक, नगर निगमों में कुल 48.55 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसके उलट ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं ने ज्यादा सक्रियता दिखाई जिला पंचायतों में 60.22 प्रतिशत और तालुका पंचायतों में 61.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि नगरपालिकाओं में यह आंकड़ा 58.12 प्रतिशत रहा।
यह चुनाव अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे बड़े शहरों समेत 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में आयोजित किए गए। इसे राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
मतदान के आंकड़ों में भी काफी अंतर देखने को मिला। कच्छ जिले के गांधीधाम नगर निगम में सबसे कम 39.85 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि वलसाड जिले के वापी नगर निकाय में सबसे ज्यादा 65.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
डभोई तालुका पंचायत, ज़िला पंचायत और नगरपालिका में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें सभी निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। डभोई नगरपालिका में 75% मतदान दर्ज किया गया, जबकि तालुका और ज़िला पंचायत सीटों पर 74.35% मतदान हुआ। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी, और मतदान प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही, सभी उम्मीदवारों का भविष्य अब EVM में बंद हो गया है।
गुजरात निकाय चुनाव (Gujarat Local Body Elections) के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। पूरे मतदान के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
राजनीतिक दिग्गजों ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में मतदान किया, जबकि राज्य के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने सूरत में वोट डाला।
यह चुनाव (Gujarat Local Body Elections) संशोधित ओबीसी आरक्षण नियमों के तहत कराए गए, जिसके चलते कई जिलों में वार्डों का परिसीमन और पुनर्गठन किया गया था। चुनावी मैदान में भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन समेत कई दलों के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
खास बात यह रही कि राज्य के नौ नवगठित नगर निगम नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर में पहली बार चुनाव कराए गए। जरूरत पड़ने पर 27 अप्रैल को पुनर्मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 28 अप्रैल को होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 अप्रैल तक पूरी होने की संभावना है।