उद्धव के बयान से गुजरात में मचा बवाल, पटेल समुदाय खोला मोर्चा, ठाकरे को दी नसीहत

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक बयान से गुजरात की राजनीति में सियासी बवाल मच गया है। भाजपा ने उद्धव के बयान की आलोचना की। ठाकरे ने भाजपा पर पटेल समुदाय को भड़काने का आरोप लगया था।
गुजरात भाजपा ने पटेल समुदाय पर टिप्पणी के लिए उद्धव ठाकरे की आलोचना की
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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अहमदाबाद: मुंबई में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की संयुक्त सभा में दिए उद्धव ठाकरे के एक बयान से गुजरात की राजनीति में बचाल मच गया है। गुजरात भाजपा ने उद्धव ठाकरे के बयान की आलोचना की और उन्हें नसीहत भी दी।

महाराष्ट्र के स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी शुरू करने के दो आदेशों को वापस लेने के भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के फैसले का जश्न मनाने के लिए मुंबई में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर गुजरात में 2017 का विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पाटीदारों को अलग-थलग करने का आरोप लगाया।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने राज्य में चुनाव जीतने के लिए पटेल समुदाय को भड़काया और उसे अन्य समुदायों से अलग-थलग कर दिया। गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने शनिवार को उद्धव के इस दावे की आलोचना की।

भाजपा और पटेल एक ही सिक्के के दो पहलू: भाजपा

गुजरात में भाजपा प्रवक्ता डॉ. रुतिज पटेल ने कहा कि उद्धव ठाकरे को इस तरह की टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की पड़ताल कर लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुजरात के बारे में कुछ नहीं जानते। यहां भाजपा और पाटीदार समुदाय (पटेल) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। भाजपा ने गुजरात में तीन पाटीदार मुख्यमंत्री और कई प्रदेश अध्यक्ष बनाये।

डॉ. रुतिज पटेल ने उद्धव को आईना दिखाते हुए कहा ने मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कई मंत्री भी इसी समुदाय से हैं। उद्धव ठाकरे को इस तरह की टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की पड़ताल करनी चाहिए थी।

कांग्रेस की भाषा बोलने से बचें उद्धव: हितेंद्र पटेल

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता हितेंद्र पटेल ने कहा कि उद्धव ठाकरे को कांग्रेस की भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा के उदय में पाटीदार समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बदले में पार्टी ने समुदाय की प्रगति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण कदम उठाये।

मुंबई में हुआ सभा का आयोजन

बता दें कि 5 जुलाई को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे मराठी अस्मिता के नाम पर मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित ‘आवाज मराठीचा’ नामक एक सभा में 20 साल बाद एक मंच पर दिखे।  महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पेश करने के दो सरकारी प्रस्तावों (जीआर) को रद्द करने के बाद उन्होंने संयुक्त रैली की।

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