'गजवा-ए-हिंद' की तैयारी कर रहे दो संदिग्धों को गुजरात ATS ने उठाया, युवाओं को बनाते थे कट्टरपंथी

Gujarat ATS: गुजरात ATS ने सक्रियता दिखाते हुए किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही दोनों संदिग्धों को दबोच लिया। जांच एजेंसी ने दोनो संदिग्धों को अलग-अलग राज्यों से संदिग्धों से गिरफ्तार किया।
Gujarat ATS Detains Two Suspects Preparing for 'Ghazwa-e-Hind'; They Radicalized Youths
ISIS संदिग्ध दोनों आरोपी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gujarat ATS Arrest Two ISIS Suspects: गुजरात ATS को बड़ी कामयाबी मिली है। गुजरात ATS ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनो संदिग्ध ISIS से लगातार संपर्क में थे। सोशल मीडिया के जरिए दोनों युवक ISIS के प्रभाव में आए और कट्टरपंथ से प्रभावित होकर देश के खिलाफ साजिश रच रहे थे। जांच में पता चला है कि दोनों संदिग्ध देश में गजवा ए हिंद की विचारधारा की योजना बना रहे थे। गुजरात ATS ने सक्रियता दिखाते हुए किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही दोनों संदिग्धों को दबोच लिया। जांच एजेंसी ने दोनो संदिग्धों को अलग-अलग राज्यों से संदिग्धों से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी इरफान पठान को गुजरात में पाटन जिले के सिद्धपुर से गिरफ्तार किया, दूसरे आरोपी मुर्शिद शेख को मुंबई से गिरफ्तार किया। गहन जांच में आरोपियों ने बताया कि वे लगातार संपर्क थे और पिछले कई महीनों से आपस में बातचीत कर रहे थे। आरोपियों ने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दोनों एक-दूसरे लगातार संपर्क में थे। यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया।

ISIS की विचारधारा से प्रभावित

जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि दोनों संदिग्ध आरोपी ISIS की विचारधारा से प्रभावित होकर कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहे थे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे गजवा ए हिंद के नाम से देश में एक बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए वे दोनो सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोड़ते थे। लोगों को जोड़कर उनको रेडिकल बना रहे थे। उनका मकसद देश में एक संगठित कट्टरपंथी समूह तैयार करना था, जिसका प्रमुख उद्देश्य आगे चलकर भारत में बड़ी साजिशों को अंजाम देना था।

रेडिकल सोच वाले युवा थे टार्गेट

गुजरात ATS ने बताया कि दोनों आरोपी पिछले 5 से 6 महीनों से सक्रिय थे और लगातार साजिश रच रहे थे। इस दौरान देश के अलग-अलग लोगों पर हमला करने की भी योजना बना रहे थे। ये आरोपी रेडिकल सोच वाले युवाओं को टार्गेट करते थे और उनको अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस काम के लिए वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को माध्यम बनाया था। इसके माध्यम से वे खुद कट्टरपंथी बने साथ ही दूसरों को भी कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे थे। संदिग्धों की बातचीत में कई संभावित टारगेट्स और योजनाओं के संकेत भी मिले हैं।

पाकिस्तान से थे संपर्क में

जांच एजेंसी को दोनों संदिग्ध आरोपियों से मिले मोबाइल फोन में कई अहम सबूत हाथ लगे। संदिग्धों से प्राप्त सबूतों से पता चला है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान में एक्टिव ISIS जैसे आतंकी संगठनों से संपर्क में थे। लगातार वे इन संगठनों बातचीत कर रहे थे और भारत में भी वैसे ही संगठन बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। साथ ही फंडिंग जुटाने और नए लोगों को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रहे थे।

MSc क्वालीफाई है आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पढ़ाई-लिखाई भी काफी चौंकाने वाली है। गिरफ्तार आरोपियों में एक इरफान पठान की उम्र 22 साल और मुर्शिद शेख 21 साल का है। इरफान MSc तक पढ़ा हुआ है और मुर्शिद शेख ने केवल 9वीं तक की पढ़ाई की है। दोनों युवाओं का कट्टरपंथ की ओर झुकाव सोशल मीडिया के जरिए हुआ था।

यह मामला सामने आने के बाद फिर से दिखाता है कि युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म किस कदर प्रभावित कर सकते है। फिलहाल जांच एजेंसी दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। साथ ही उनके पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश कर रही है।

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