समंदर की गहराई, फोन पर बनी धुन और फिर स्टूडियो तक का सफर, जोहा के 'फ्लोटिंग सीवीड' की कहानी

Zoha Floating Seaweed: संगीतकार और डीजे जूही वर्मा उर्फ ज़ोहा ने अपनी अलग सोच, बहुमुखी प्रतिभा और स्वतंत्र रचनाओं के दम पर इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रयोगात्मक संगीत में एक नई पहचान स्थापित की है।
Zoha Floating Seaweed
जूही वर्मा उर्फ ज़ोहा(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Floating Seaweed New Track: भारतीय संगीत जगत में इन दिनों एक नया नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। सिर्फ 21 साल की उम्र में संगीतकार, गिटारवादक और डीजे जूही वर्मा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। ज़ोहा नाम से फेमस इस युवा कलाकार ने किसी एक विधा में खुद को बांधने के बजाय संगीत के प्रयोगों को अपनाया है। अपने जुनून और लगाता कोशिशो के बल पर उन्होंने स्वतंत्र रूप से संगीत रचनाएं तैयार कर दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनका यह सफर संगीत के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाता है।

बचपन से शुरू हुई सुरीली यात्रा की कहानी

जूही की म्यूजिक जर्नी बचपन में ही उनके अपने घर से शुरू हो गई थी। उनके परिवार में संगीत का खुशनुमा माहौल था, जहां उनकी मां की संगीत में गहरी रुचि ने उनकी कलात्मक सोच को सही दिशा दी। चौथी या पांचवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार गिटार थाम लिया था।

शुरुआत में जो सिर्फ एक शौक था, वह समय के साथ गंभीर साधना में बदल गया। आगे चलकर दिल्ली स्कूल ऑफ म्यूजिक से उन्होंने गिटार का औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसने उनकी बुनियाद को बेहद मजबूत बना दिया।

यूट्यूब से सीखा संगीत और शुरू हुआ नया दौर

लगभग 15 साल की उम्र में जूही का झुकाव इलेक्ट्रॉनिक संगीत की तरफ तेजी से बढ़ा। म्यूजिक मेकिंग की बारीकियों को समझने की ललक में उन्होंने डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया। उन्होंने किसी संस्थान में जाने के बजाय यूट्यूब के जरिए खुद ही म्यूजिक प्रोडक्शन की जटिल तकनीक सीखी।

कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने प्रोडक्शन में महारत हासिल की और 29 साल की उम्र में डीजे के रूप में लाइव शो करना शुरू कर दिया। स्लैश, जिमी हेंड्रिक्स और एविकी जैसे दिग्गजों से प्रेरित होकर उन्होंने शास्त्रीय गिटार, रॉक, हाउस और टेक्नो धुनों का एक अनोखा मेल तैयार किया।

भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून देने वाला संगीत का अनोखा सफर

आज के दौर की आपाधापी से भरी जिंदगी में कुछ पल शांति के ढूंढना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी बीच म्यूजिशियन जोहा का नया गाना 'फ्लोटिंग सीवीड' संगीत प्रेमियों के लिए एक ताजी हवा के झोंके की तरह सामने आया है। बीती 6 अगस्त 2026 को रिलीज हुआ यह खास ट्रैक श्रोताओं को एक अनोखा सुकून देने का वादा करता है।

इस पूरे म्यूजिक को बनाने के पीछे एक बहुत खूबसूरत और व्यक्तिगत कहानी छिपी हुई है। जोहा को इस ट्रैक की प्रेरणा गोवा के ग्रैंड आइलैंड पर अपने साथी के साथ फ्रीडाइविंग करने के दौरान मिली थी। समंदर की गहराइयों में बिताए गए उन शांत पलों ने उनके मन पर गहरा असर डाला। उस खास एहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन था, इसलिए उन्होंने इसे धुनों के जरिए पेश करने का फैसला किया। यही अनुभव आगे चलकर एक अद्भुत संगीत के रूप में ढाला गया।

Zoha Floating Seaweed
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फोन के स्केच से पेशेवर स्टूडियो तक का सफर

इस ट्रैक को बनाने की प्रक्रिया बेहद रोचक और प्रेरणादायक रही है। गाने की शुरुआती धुन उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर गैराजबैंड ऐप की मदद से रिकॉर्ड की थी। बाद में इस शुरुआती स्केच को लॉजिक प्रो सॉफ्टवेयर पर ले जाकर पूरी तरह से तराशा गया।

जोहा की म्यूजिक जर्नी कई अलग-अलग शैलियों से होकर गुजरी है। उन्हें रॉक, क्लासिकल म्यूजिक, फिंगरस्टाइल और फ्लेमेंको गिटार का औपचारिक प्रशिक्षण मिला है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने क्रूएला और मोनोलिंक जैसे फेमस कलाकारों से प्रेरित होकर खुद ही म्यूजिक प्रोडक्शन की बारीकियां सीखी हैं।

इसी वजह से 'फ्लोटिंग सीवीड' में हाउस संगीत, लेफ्टफील्ड और प्रयोगात्मक इलेक्ट्रॉनिक धुनों का एक सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। यह गाना किसी एक शैली में बंधकर नहीं रहता, बल्कि एक नया रूप पेश करता है।

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