

Highlights
यश चोपड़ा के घर का वो गद्दों वाले कमरे का दिलचस्प किस्सा।
मुश्किल दौर में पामेला चोपड़ा परिवार के लिए बनीं आयरन लेडी।
फिल्म निर्माण और संगीत में भी पामेला चोपड़ा का योगदान रहा।
यश चोपड़ा की पुण्यतिथि पर उनकी जिंदगी के अनसुने पहलुओं पर नजर।
Yash Chopra Death Anniversary: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब भी रोमांस का जिक्र होता है, तो यश चोपड़ा का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए परदे पर प्यार का एक ऐसा संसार रचा, जिसने पीढ़ियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। लेकिन जिस इंसान ने पूरी दुनिया को इश्क के मतलब सिखाए।
उनकी अपनी लव स्टोरी और पर्सनल लाइफ भी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं थी। पर्दे के पीछे रहकर उनकी ताकत बनने वाली उनकी पत्नी पामेला चोपड़ा का जीवन और उनका योगदान हमेशा से भारतीय सिनेमा का एक अहम हिस्सा रहा है।
यश चोपड़ा अपनी फिल्म के सिलसिले में या एग्जाम के दौरान जब दिल्ली पहुंचे थे, तब एक कॉमन फ्रेंड के जरिए उनकी मुलाकात पामेला से हुई थी। उस दौर में माता-पिता की परमिशन से रिश्ते तय होते थे।
शुरुआती मुलाकात में पामेला को यश चोपड़ा का अंदाज थोड़ा अलग और बेबाक लगा था। जबकि कुछ समय बाद यश जी के बड़े भाई बीआर चोपड़ा और उनकी पत्नी ने इस रिश्ते के लिए पामेला की फैमिली से बात की। दोनों परिवारों की रजामंदी से यह रिश्ता तय हुआ और दोनों शादी के बंधन में बंध गए।
शादी के बाद जब यह जोड़ा अपने हनीमून के लिए स्विट्जरलैंड गया, तो यश चोपड़ा के मन में एक बहुत बड़ा विचार आया। वह अब तक अपने भाई के बैनर तले कई बेहतरीन फिल्में बना चुके थे और एक सक्सेसफुल डायरेक्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे।
लेकिन वहां से लौटने के बाद उन्होंने खुद का स्वतंत्र प्रोडक्शन हाउस शुरू करने का पक्का मन बना लिया। यह फैसला आसान नहीं था क्योंकि उनके अपनी फैमिली और शुभचिंतकों को डर था कि बिना अनुभव के यह जोखिम भरा हो सकता है।
नया प्रोडक्शन हाउस शुरू करना और अपनी अलग पहचान बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। जब साल 1974 में छोटे से कमरे से इस जर्नी की शुरुआत हुई, तो शुरुआती दौर में काफी तनाव और अनिश्चितता का माहौल था।
फिल्म दाग के रिलीज होने से पहले जब लोगों के रिएक्शन ठंडे थे, तब निराशा के बादल मंडराने लगे थे। ऐसे हर मुश्किल मोड़ पर पामेला ने एक मजबूत खंभे की तरह उनका साथ दिया और उन्हें मेनटली सपोर्ट किया, जिससे वे हर मुश्किल को पार कर पाए।
पामेला चोपड़ा सिर्फ एक हाउस वाइफ नहीं बल्कि एक बेहतरीन कलाप्रेमी और समझदार साथी थीं। उन्हें म्यूजिक की गहरी समझ थी और उन्होंने कई फिल्मों के लिए गाने भी गाए। इसके अलावा महानायक अमिताभ बच्चन की फेमस फिल्म कभी कभी की कहानी भी उन्होंने ही तैयार की थी। यशराज बैनर की सफलता के पीछे उनका वह मौन सपोर्ट और दूरदर्शिता थी, जिसने इस बड़े साम्राज्य को खड़ा करने में सबसे अहम भूमिका निभाई।