

War 2 Movie Review In Hindi: ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की फिल्म वॉर 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को लेकर जो हाइप क्रिएट किया गया था उसपर फिल्म पूरी तरह से खरी नहीं उतरी है। फिल्म की अवधि लंबी है और कहानी बोरिंग है। कई जगह ऐसा भी प्रतीत होता है कि अगला सिरा पिछले से जुड़ा हुआ नहीं है, लेकिन फिर भी फिल्म का एक्शन जबरदस्त है और एक्शन के मामले में फिल्म को पूरा अंक दिया जा सकता है। लेकिन बेतरतीब कहानी आपके लिए सिरदर्द बन सकती है।
NOTE: फिल्म का रन टाइम 2 घंटा 58 है जो आम तौर पर बहुत लंबा माना जाता है।
वॉर 2 की कहानी: फिल्म की कहानी मेजर कबीर (ऋतिक रोशन) और विक्रम (जूनियर NTR) के बीच युद्ध की कहानी है। इसमें कॉलोनियल सुनील लूथरा (आशुतोष राणा) और उनकी बेटी काव्या लूथरा (कियारा आडवाणी) ने अहम भूमिका निभाई है। कबीर और विक्रम का बचपन गली मोहल्ले के आवारा बच्चों की तरह दिखाया गया है। जिनकी मुलाकात एक दिन सुनील लूथरा से होती है। वह इन बच्चों में से काबिल बच्चे का चुनाव करता है। ऋतिक रोशन को एजेंसी के लिए चुन लिया जाता है। क्योंकि उसमें देशभक्ति की भावना भरी होती है। लेकिन कबीर के अपनी शैली से काम करने की वजह से जल्द ही उसे एजेंसी में गद्दार घोषित कर दिया जाता है। फिर उसे ढूंढने के लिए एजेंसी से जुड़ चुके विक्रम को अहम भूमिका दी जाती है। दुश्मन पड़ोसी मुल्क मिलकर साजिश के तहत कबीर को सुनील लूथरा की हत्या करने के लिए विवश कर देते हैं और जब यह बात सुनील की बेटी काव्या को पता चलती है तो वह कबीर के साथ अपना प्यार भूलकर कबीर से बदला लेने का मन बना लेती है। इस मिशन पर विक्रम और काव्या को भेजा जाता है। सुनील लूथरा के बाद एजेंसी को संभालने की जिम्मेदारी अनिल कपूर की किरदार पर है। उनका रोल छोटा है लेकिन दमदार है। क्या कबीर काव्या को यह हकीकत बता पाएगा कि उसने उसके पिता की हत्या क्यों की? क्या सच में कबीर गद्दार है? फिल्म में असली गद्दार कौन है? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगा।
डायरेक्शन: अयान मुखर्जी को बॉलीवुड के बेहतरीन निर्देशकों में से एक माना जाता है। प्रेम कहानियों पर आधारित बेहतरीन फिल्मों का उन्होंने निर्देशन किया है। लेकिन ब्रह्मास्त्र और टाइगर जैसी फिल्मों से उन्होंने अपना जॉनर बदलने की कोशिश की और अब लगता है कि वह पूरी तरह से भटक गए हैं। एक्शन में तो उन्होंने कमाल दिखाया लेकिन वह कहानी से भटके हुए नजर आए। ऋतिक रोशन की बेटी को फिल्म में दिखाया जाना और बाद में पूरी फिल्म में उसका गायब रहना दर्शकों को भी हैरान कर सकता है।
एक्टिंग: फिल्म में अहम भूमिका में नजर आए सभी कलाकारों ने जबरदस्त अभिनय का परिचय दिया है। विक्रांत के रूप में अनिल कपूर का किरदार भले ही छोटा हो लेकिन दमदार था। जूनियर एनटीआर और ऋतिक रोशन ने जबरदस्त एक्शन दिखाया है। कियारा आडवाणी से एक्शन की उम्मीद कम थी लेकिन उन्होंने भी बखूबी अभिनय किया। आशुतोष राणा एक बार फिर लोगों का दिल जीतते हुए नजर आए। वरुण बडोला, सोनी राजदान और बाकी के कलाकार भी सधी हुई एक्टिंग करते हुए दिखाई दिए।
संगीत: एक्शन के अलावा फिल्म में संगीत भी ठीक-ठाक है। बैकग्राउंड म्यूजिक और गीत संगीत लोगों को पसंद आएगा। गीत संगीत की अगर बात करें तो यह और बेहतर हो सकता था लेकिन फिर भी ठीक है।
क्यों देखें फिल्म: अगर आप एक्शन फिल्म देखने के शौकीन है तो यह फिल्म बिल्कुल आपके लिए है। बशर्ते फिल्म की कहानी बेहतर हो इस उम्मीद को लेकर थिएटर में ना जाएं। क्योंकि इससे निराशा हाथ लगेगी।