‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर सस्पेंस बरकरार, इस दिन सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

कन्‍हैया लाल मडर्र केस पर बनी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' रिलीज के पहले ही विवादों में घिरी है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है।
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उदयपुर फाइल्स (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Udaipur Files Movie: विजय राज स्टारर विवादित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ की रिलीज को लेकर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। यह फिल्म राजस्थान के उदयपुर में जून 2022 में हुई दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित है। फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है।

दरअसल, इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए हत्या मामले में आरोपी मोहम्मद जावेद ने याचिका दाखिल की है। मोहम्मद जावेद इस केस में आठवां आरोपी है। उसकी याचिका में कहा गया है कि जब तक मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे उसके निष्पक्ष ट्रायल के अधिकार पर असर पड़ेगा।

इस दिन होगी ‘उदयपुर फाइल्स’ की सुनवाई

इस याचिका का बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी द्वारा याचिका का उल्लेख किए जाने के बाद इस पर सुनवाई के लिए सहमति दी है।

गौर करने वाली बात ये है कि ‘उदयपुर फाइल्स’ को पहले 11 जुलाई 2024 को रिलीज किया जाना था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 जुलाई को इस पर रोक लगा दी थी। कोर्ट के आदेश के खिलाफ फिल्म के निर्माताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिस पर सुनवाई उसी दिन यानी बुधवार को होनी है।

फिल्म को लेकर दोनों पक्षों की याचिकाएं अब सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनी जाएंगी। एक तरफ आरोपी निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर निर्माता अपनी फिल्म की रिलीज को रुकवाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं।

कन्हैया लाल की हत्या पर जांच

कन्हैया लाल की हत्या का मामला देशभर में सुर्खियों में रहा था। आरोप है कि मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने सोशल मीडिया पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर उनकी हत्या कर दी थी। इस केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की गई थी। इसमें आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कठोर धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। लेकिन हत्‍या का यह मामला जयपुर स्थित विशेष एनआईए अदालत में अभी रुका हुआ है।

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