Masti 4 में इस रोल में दिखेंगे Tusshar Kapoor, बोले- छोटा रोल भी छोड़ जाएगा बड़ा असर!

Tusshar Kapoor Interview: तुषार कपूर जल्द ‘मस्ती 4’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘जनादेश’ में नजर आएंगे। ऐसे में एक इंटरव्यू में उन्होंने फ्रेंचाइज फिल्मों, छोटे रोल और दर्शकों के पसंद पर खुलकर बात की।
Tusshar Kapoor Upcoming Movies
तुषार कपूर (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Tusshar Kapoor Upcoming Movies: बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर इन दिनों कई बड़ी फिल्मों को लेकर सुर्खियों में हैं। वो जल्द ही ‘मस्ती 4’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘जनादेश’ जैसी मल्टीस्टारर फिल्मों में नजर आने वाले हैं। इन तीनों फिल्मों के जरिए तुषार फिर से दर्शकों को हंसाने और मनोरंजन करने की तैयारी में हैं।

दरअसल, हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि फ्रेंचाइज फिल्मों की सफलता पूरी तरह दर्शकों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “लोग फिल्मों को कितना पसंद करते हैं, यह तय करता है कि फ्रेंचाइज कितनी आगे जाएगी। अगर कहानी और टीम नई ऊर्जा लेकर आती है, तो दर्शक उसे जरूर अपनाते हैं।”

मस्ती 4 में नए अंदाज में दिखेंगे तुषार

तुषार कपूर ने बताया कि ‘मस्ती 4’ में उनका किरदार बाकी फिल्मों से बिल्कुल अलग है। “मैंने इस बार एक रशियन भोजपुरी डॉन का रोल निभाया है यह अजीब और मजेदार दोनों है। उन्होंने कहा कि मिलाप झावेरी ने मुझे शानदार किरदार दिया है, और मैं उम्मीद करता हूं कि दर्शक इसे पसंद करेंगे।” उन्होंने आगे बताया कि चाहे उनका रोल लीड न हो, लेकिन यह फिल्म के लिए महत्वपूर्ण है। “छोटे रोल में भी आप अपनी पहचान बना सकते हैं। तुषार ने कहा कि ‘खाकी’ इसका उदाहरण है उस फिल्म में भी मेरा किरदार याद रखा गया।”

‘वेलकम टू द जंगल’ में अहमद खान संग करेंगे काम

तुषार ने बताया कि उन्होंने ‘वेलकम टू द जंगल’ करने का फैसला दो कारणों से लिया पहला, निर्देशक अहमद खान, जो उनके पहले फिल्मी गुरु रहे हैं, और दूसरा, इस फिल्म की मजेदार फ्रेंचाइज। उन्होंने कहा, “यह फिल्म ‘पुलिस एकेडमी’ जैसे हॉलिवुड जॉनर से प्रेरित है, जहां बड़ी टीम मिलकर कॉमेडी करती है। हर किरदार की अपनी कहानी होगी, कोई बीच में गायब नहीं लगेगा।”

फ्रेंचाइज फिल्मों में नयापन जरूरी

तुषार कपूर ने माना कि किसी भी फ्रेंचाइज को सफल बने रहने के लिए नयापन जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “‘गोलमाल’ इसलिए चली क्योंकि उसमें हर बार कुछ नया था। बच्चों से लेकर बड़ों तक सबने उसे अपनाया। अगर फ्रेंचाइज रिपीट लगने लगे, तो उसका असर खत्म हो जाता है।”

तुषार ने आगे कहा कि महामारी के बाद कलाकारों और दर्शकों की सोच में काफी बदलाव आया है। “अब लोग सिर्फ हीरो नहीं, अच्छी फिल्में देखना चाहते हैं। अगर रोल दमदार है, तो दर्शक आपको नोटिस कर ही लेंगे,” उन्होंने कहा।

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