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कोटा की एसपी तेजस्वनी गौतम ने मामले की जांच से जुड़ी जानकारी शेयर की।
शुरुआती पूछताछ के अनुसार वह आरोपी रेहान के कॉन्टेक्ट में था और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जाता है।
पुलिस ने 3 संदिग्धों कोटा रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया।
कोटा पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं।
Kota Police Press Conference: बॉलीवुड के फेमस एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राजस्थान की कोटा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस सनसनीखेज घटना को अंजाम देने वाले 3 हमलावरों को धर दबोचा है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुष्टि कर दी गई है कि इस पूरी साजिश के पीछे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ था। पुलिस की इस फौरन कार्रवाई ने एक बार फिर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
बीते रविवार की शाम एक्टर टाइगर श्रॉफ जुहू के एक फुटबॉल मैदान से बाहर निकलकर अपनी कार से लौट रहे थे। तभी अचानक कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
राहत की बात यह रही कि इस जानलेवा हमले में एक्टर टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी के ड्राइवर को गंभीर चोटें आईं और वे घायल हो गए। इस घटना के बाद से ही मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों की तलाश में तेजी से जुट गई थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट पर थीं। सोमवार की सुबह मुंबई पुलिस से कोटा पुलिस को एक बेहद अहम और सीक्रेट इनपुट मिला। हैरानी की बात यह थी कि कोटा पुलिस के पास कार्रवाई के लिए केवल 20 मिनट का समय बचा था।
बेहद कम वक्त होने के बावजूद पुलिस की टीमें बिना एक पल गंवाए पूरी तरह से एक्टिव हो गईं। जैसे ही संदिग्धों से भरी ट्रेन कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, अलर्ट पुलिसकर्मियों ने पूरी ट्रेन को चारों तरफ से घेर लिया।
पकड़े गए 3 आरोपियों की पहचान पुलिस ने कर ली है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। मुख्य आरोपी रेहान हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है, जो सीधे तौर पर लॉरेंस गैंग के गुर्गे अनिल पंडित के कॉन्टेक्ट में था। दूसरा आरोपी ऋतिक कुमार बिहार के बेगूसराय का निवासी है और 17 साल का नाबालिग शूटर भी हरियाणा के सोनीपत का ही रहने वाला है।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये सभी आरोपी मुंबई से पुणे और जयपुर जाने वाली ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। उनका मकसद दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने का था।