

Highlights
एक्ट्रेस तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है।
उन्होंने 14 साल की उम्र में फिल्म हम नौजवान से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट एक्टिंग की शुरुआत की।
फिल्म विजयपथ से उन्हें बतौर लीड एक्ट्रेस पहचान मिली।
माचिस और चांदनी बार के लिए तब्बू को 2 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले।
Tabu Biography: फिल्म इंडसट्री में जब भी कुछ अलग और संजीदा अभिनय की बात होती है, तोहनहन ज़हन में एक ही नाम सबसे पहले गूंजता है और वह है खूबसूरत और दमदार एक्ट्रेस तब्बू का। अपनी आंखों के जरिए दिल के हर जज्बात को पर्दे पर उतार देने वाली इस एक्ट्रेस ने हिंदी सिनेमा में अपनी एक्टिंग की एक ऐसी अमिट छाप छोड़ी है, जिसे मिटाना नामुमकिन सा लगता है।
तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है और उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। एक्टिंग का हुनर उन्हें मानों विरासत में मिला था क्योंकि वह फेमस एक्ट्रेस शबाना आज़मी की भतीजी हैं और उनकी बड़ी बहन फराह नाज भी 90 के दशक की जानी-मानी एक्ट्रेस रह चुकी हैं।
एक्टिंग की इस दुनिया में तब्बू ने बहुत ही कम उम्र में कदम रख दिया था। उन्होंने महज 14 साल की उम्र में फेमस फिल्ममेकर देव आनंद की साल 1985 में आई फिल्म हम नौजवान से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट सिनेमा में अपनी शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्होंने एक बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रोल निभाया था जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।
एक मुख्य एक्ट्रेस के तौर पर तब्बू के करियर की शुरुआत थोड़ी दिलचस्प रही। उनकी पहली फिल्म के रूप में फिल्म प्रेम की घोषणा हुई थी जिसके बनने में काफी लंबा समय लग गया।
हालांकि इस बीच साल 1994 में अजय देवगन के साथ आई उनकी फिल्म विजयपथ बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और इसी के साथ तब्बू रातों-रात दर्शकों के दिलों पर छा गईं। इस फिल्म में शानदार एक्टिंग के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू फीमेल के फेमस अवॉर्ड से नवाजा गया।
एक्ट्रेस तब्बू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने कमर्शियल सिनेमा के साथ-साथ पैरेलल और गंभीर किस्म की फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग का परचम लहराया है। उनकी एक्टिंग की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान यानी नेशनल फिल्म अवॉर्ड से 2 बार बेस्ट एक्ट्रेस के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।
उन्हें पहला नेशनल अवॉर्ड साल 1996 में आई फिल्म माचिस के लिए मिला था और दूसरा अवॉर्ड साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म चांदनी बार के शानदार प्रदर्शन के लिए प्राप्त हुआ था। इसके अलावा भारत सरकार ने उनके कला क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को सराहते हुए साल 2011 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया था।
मेनस्ट्रीम फिल्मों के अलावा तब्बू ने ऐसे किरदारों को चुना जिन्हें पर्दे पर उतारने की हर कोई हिम्मत नहीं जुटा पाता है। उन्होंने अनिल कपूर की विरासत, मकबूल, हैदर, अंधाधुन और दृश्यम जैसी बेहतरीन फिल्मों में बेहद जटिल और संजीदा भूमिकाएं निभाई हैं।