संजय कपूर संपत्ति विवाद में नया मोड़, प्रिया सचदेव पर नकली हस्तक्षर का आरोप

Sunjay Kapur की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव पर उनकी पहली पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों ने वसीयत में नकली हस्ताक्षर करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद संजय कपूर की 30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर है।
संजय कपूर संपत्ति विवाद में नया मोड़, प्रिया सचदेव पर नकली हस्तक्षर का आरोप
करिश्मा कपूर के बच्चों ने सौतेली मां प्रिया सचदेव पर लगाया गंभीर आरोप, 'पिता की वसीयत में किए गए नकली हस्ताक्षर'
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Sunjay Kapur Property Dispute: दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की कथित 30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद अब एक और गंभीर मोड़ पर आ गया है। संजय कपूर की पहली पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों—समायरा और किआन राज—ने अपनी सौतेली माँ प्रिया सचदेव कपूर पर पिता की वसीयत में नकली हस्ताक्षर (Fake Signature) करने का आरोप लगाया है।

बच्चों ने यह दावा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर मुकदमे के दौरान किया है। इस विवाद का केंद्र 21 मार्च, 2025 की एक वसीयत है, जिसमें कथित तौर पर संजय कपूर की पूरी निजी संपत्ति प्रिया सचदेव कपूर को दी गई है।

वसीयत की प्रामाणिकता पर उठाए सवाल

बच्चों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कोर्ट में वसीयत की प्रामाणिकता पर कई सवाल उठाए हैं।

हस्ताक्षर की जालसाजी: मुख्य आरोप यह है कि प्रिया सचदेव ने संपत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए वसीयत में धोखाधड़ी की और संजय कपूर के हस्ताक्षर में जालसाजी की गई।

स्त्रीलिंग शब्दों का उपयोग: वकील ने कोर्ट को बताया कि वसीयत में वसीयतकर्ता (Testator) को स्त्रीलिंग में संदर्भित किया गया है, जैसे कि वसीयत में संजय कपूर के लिए "वह" (She) और "उसकी" (Her) जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है। इसे 'हास्यास्पद' बताते हुए तर्क दिया गया कि ऐसी वसीयत का मसौदा संजय कपूर की समझ वाले व्यक्ति से नहीं आ सकता, और यह जालसाजी का एक बड़ा सबूत है।

प्रिया सचदेव पर धोखाधड़ी का आरोप

करिश्मा कपूर के बच्चों ने आरोप लगाया है कि प्रिया सचदेव ने धोखाधड़ी करके पूरी संपत्ति पर नियंत्रण पा लिया है, और उन्हें (बच्चों को) उनके पिता की संपत्ति से वंचित रखा जा रहा है। बच्चों ने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया था कि प्रिया सचदेव को संजय कपूर की चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया जाए।

वसीयत में टाइपिंग की गलतियों से वसीयत अमान्य नहीं होती

जवाब में, प्रिया सचदेव के वकील ने तर्क दिया था कि वसीयत में टाइपिंग की गलतियों से वसीयत अमान्य नहीं होती है और उन्होंने वसीयत की प्रामाणिकता सिद्ध करने के लिए गवाहों के हलफनामे भी पेश किए हैं। प्रिया ने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया था कि संपत्ति की लिस्ट सार्वजनिक करने से पहले सभी पक्षों को गोपनीयता समझौता (NDA) पर हस्ताक्षर करना चाहिए। फिलहाल, यह कानूनी लड़ाई दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही है और संजय कपूर की मां रानी कपूर भी संपत्ति पर अपना दावा कर रही हैं, जिससे यह विवाद और भी जटिल होता जा रहा है।

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