

Sunil Lahri Supports PM Modi: जंतर मंतर में हुआ छात्र आंदोलन तो खत्म हो गया है, लेकिन इस प्रोटेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले छात्रों पर अब एक्शन शुरू हो गया है।
नीट पेपर लीक छात्र आंदोलन के दौरान कई छात्रों ने पीएम मोदी को और उनकी स्वर्गीय माताजी को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए वीडियो बनायी थी। जिसके बाद से ही इन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला सामने आया था।
छात्रों के खिलाफ बढ़ते इस आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल रात ही इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की थी। उन्होंने सभी से इन बच्चों को माफ करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि ये शरारती बच्चे है, जो रास्ता भटक गए हैं। इन्हें रास्ता दिखाना हमारा ही काम है। पीएम मोदी के इस वीडियो पर कई सेलिब्रिटीज ने रिएक्शन शेयर किया है।
पीएम मोदी के वीडियो संदेश के बाद रामानंद सागर की रामायण में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले सुनील लहरी ने भी उनके समर्थन में एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है। जिसमें उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है।
इस वीडियो में सुनील लहरी ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री का दिल कितना बड़ा है। 20 तारीख को जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन में उनकी स्वर्गीय माताजी, उन्हें और हमारी सेना को लोगों ने कितना बुरा-भला कहा। उसके बाद भी पीएम मोदी ने इन्हें बच्चा समझकर माफ कर दिया। अगर उनकी जगह कोई और होता तो इन छात्रों को कड़ी सजा देता, लेकिन ये उनका बड़प्पन है कि उन्होंने ऐसा नहीं किया।
सुनील लहरी ने आगे कहा कि इस घटनाक्रम को देखते हुए मुझे एक पुरानी कहावत याद आ गई। छमा बड़न को चाहिए, छोटेन को उतपात। का रहिमन हरि को घट्यो, जो भृगु मारी लात। इसका अर्थ है कि बड़े स्वभाव के लोगों को क्षमा करना शोभा देता है, और छोटे या नासमझ लोगों का उपद्रव (गलती या बदमाशी) करना उनका स्वभाव होता है। बड़ों का बड़प्पन माफ करने से घटता नहीं है, जैसे महर्षि भृगु द्वारा भगवान विष्णु के सीने पर लात मारने से भगवान विष्णु का मान-सम्मान कम नहीं हुआ था।
वीडियो के अंत में सुनील लहरी ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश भाग्यशाली है कि उसे ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व दिखाते हैं और देशवासियों के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राय सभी लोगों को पसंद आए, यह जरूरी नहीं है, लेकिन वह अपनी बात खुलकर रखना चाहते हैं।