मां ने किया था मना, फिर भी धूप में नाचीं बसंती, जानें ‘जब तक है जान’ का अनसुना किस्सा

Sholay 50 Years: शोले के 50 साल पूरे होने पर हेमा मालिनी ने बसंती के मशहूर गाने ‘जब तक है जान’ से जुड़ा अनसुना किस्सा साझा किया। तेज धूप और गर्म पत्थरों पर नंगे पांव डांस के लिए मां ने मना किया था।
Sholay 50 Years Hema Malini Sholay Story Jab Tak Hai Jaan Song
हेमा मालिनी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Hema Malini Sholay Story: हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्म शोले ने हाल ही में अपनी रिलीज़ के 50 साल पूरे किए हैं। 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ हुई इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, बल्कि इसके किरदार, डायलॉग और गाने आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। बसंती, जय, वीरू, ठाकुर और गब्बर हर किरदार भारतीय सिनेमा की पहचान बन चुका है।

शोले की 50वीं सालगिरह के मौके पर एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां फिल्म की लीड एक्ट्रेस हेमा मालिनी और निर्देशक रमेश सिप्पी एक बार फिर साथ नजर आए। इस मौके पर रमेश सिप्पी की तस्वीर वाले एक मैगजीन कवर का अनावरण किया गया, जिसने पुरानी यादों को ताजा कर दिया। इस दौरान हेमा मालिनी ने शोले से जुड़ा एक दिलचस्प और अनसुना किस्सा साझा किया।

हेमा मालिनी ने कही ये बात

हेमा मालिनी ने बताया कि फिल्म का मशहूर गाना ‘जब तक है जान’ उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल शूटिंग अनुभवों में से एक रहा। हेमा ने कहा कि इस गाने की शूटिंग तेज धूप में, गर्म पत्थरों पर नंगे पांव की गई थी। उस समय उनकी मां इस बात से बिल्कुल खुश नहीं थीं और उन्होंने साफ मना कर दिया था कि हेमा ऐसे हालात में डांस न करें। हेमा ने बताया कि मां को डर था कि मेरे पांव जल जाएंगे और मुझे चोट लग जाएगी। वो बहुत परेशान हो गई थीं, लेकिन शूटिंग आसान नहीं थी और मैंने पूरी मेहनत से यह सीन पूरा किया।

हेमा मालिनी ने कही ये बात

हेमा मालिनी ने यह भी बताया कि शोले का हर सीन मेहनत और लगन का नतीजा था। बसंती का किरदार भले ही चुलबुला और मासूम दिखता हो, लेकिन उसके पीछे कड़ी मेहनत छिपी हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब लोग उस गाने को देखते हैं, तो शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं होता कि उसे शूट करना कितना चुनौतीपूर्ण था।

हेमा मालिनी ने इस तरफ कहा फिल्मे के लिए हां

वहीं निर्देशक रमेश सिप्पी ने भी बसंती के किरदार को लेकर दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह पहले भी सीता और गीता में हेमा मालिनी के साथ काम कर चुके थे और उनकी प्रतिभा से अच्छी तरह वाकिफ थे। हालांकि, बसंती का रोल अपेक्षाकृत छोटा होने की वजह से उन्हें हेमा से यह रोल ऑफर करने में झिझक हो रही थी। लेकिन जैसे ही हेमा ने स्क्रिप्ट पढ़ी, उन्होंने बिना किसी हिचक के फिल्म के लिए हां कर दी।