शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर लगा धोखाधड़ी का आरोप, EOW कर रही है मामले की गहन जांच

Shilpa Shetty-Raj Kundra Against Case File: शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर 60.4 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने IPC की कई धाराओं में केस दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंपी है।
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर धोखाधड़ी का आरोप, आर्थिक अपराध शाखा जांच में जुटी
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर धोखाधड़ी का आरोप
Published on
Updated on

Shilpa Shetty and Raj Kundra: बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके पति, बिजनेसमैन राज कुंद्रा फिर से चर्चा में आ गए हैं। कपल इस बार भी कानूनी विवादों में फंस पड़े हैं। मुंबई के जुहू पुलिस स्टेशन में दोनों के खिलाफ 60.4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत जुहू निवासी व्यवसायी दीपक कोठारी ने की है, जो लोटस कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के डायरेक्टर हैं। इस मामले को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।

शिकायत के अनुसार, यह धोखाधड़ी बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए की गई, जो एक होम शॉपिंग और ऑनलाइन रिटेल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्यरत थी, लेकिन अब बंद हो चुकी है। कोठारी का आरोप है कि शिल्पा शेट्टी, राज कुंद्रा और एक अज्ञात व्यक्ति ने बिजनेस विस्तार के नाम पर उनसे निवेश के लिए भारी रकम ली, लेकिन वादे के मुताबिक रिटर्न नहीं दिया।

कोठारी ने दी जानकारी

कोठारी ने जानकारी दी कि राजेश आर्य नाम का एक व्यक्ति ने उन्हें 2015 में शिल्पा और राज से परिचित कराया था। दोनों उस समय कंपनी के प्रमुख शेयरधारक थे। आरोप के अनुसार, दोनों ने पहले 75 करोड़ रुपये का लोन मांगा और बाद में निवेश का रूप देने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही, कोठारी से 12 फीसदी ब्याज के साथ हर महीने रिटर्न और मूलधन वापस देने का वादा किया गया।

दिवालियापन की कार्यवाही शुरू

ट्रस्ट करते हुए इस वादे पर, कोठारी ने अप्रैल 2015 में 31 करोड़ रुपये और सितंबर 2015 में 28 करोड़ रुपये इन्वेस्ट किए। यह भी, उदाहरण के लिए, शिल्पा ने अपने डायरेक्टर पोस्ट से साल 2016 में इस्तीफा दे दिया। राज कुंद्रा ने व्यक्तिगत गारंटी दी हुई थी, लेकिन साल 2017 में कंपनी के खिलाफ समझौते की चूक के आधार पर दिवालियापन की कार्यवाही शुरू हो गई।

कोठारी ने लगाया आरोप

कोठारी ने आरोप लगाया है कि उनकी निवेश राशि का इस्तेमाल कंपनी के विकास पर नहीं किया गया, बल्कि व्यक्तिगत पेंशन का इस्तेमाल में। इसके कारण उन्हें भारी आर्थिक हानि हुई। मुंबई पुलिस ने इस केस में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत केस पंजीबदल लिया है। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है और इस केस में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com