

Shatrughan Sinha Documentary: हिंदी सिनेमा में अपने दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज से दशकों तक राज करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा के फैंस के लिए एक बेहतरीन खबर सामने आई है। उनके शानदार फिल्मी और राजनीतिक सफर को समेटती एक भव्य डॉक्यूमेंट्री बहुत जल्द दर्शकों के सामने आने वाली है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण बेहद बड़े स्तर पर किया जा रहा है, ताकि दर्शक ‘शॉटगन’ के जीवन के हर एक पहलू को करीब से समझ सकें। फिल्म का मुख्य उद्देश्य उनके शुरुआती संघर्ष से लेकर सफलता के शिखर तक पहुंचने की पूरी दास्तान को प्रामाणिक तरीके से पेश करना है।
सिनेमा जगत के जानकार इस प्रोजेक्ट को भारतीय गैर-फिक्शन सिनेमा का एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय मान रहे हैं। इस डॉक्यूमेंट्री की सबसे खास बात इसमें शामिल होने वाले कलाकारों की लिस्ट है। फिल्म में सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि साउथ इंडियन सिनेमा के कई दिग्गज चेहरे भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। खबरों के मुताबिक सुपर स्टार रजनीकांत, चिरंजीवी, मोहन बाबू, सलमान खान, आमिर खान और अनिल कपूर जैसे बड़े नाम इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बने हैं। ये सभी सितारे शत्रुघ्न सिन्हा के साथ अपने अनुभवों और उनसे जुड़ी यादों को शेयर करते दिखाई देंगे।
प्रोजेक्ट को तकनीकी और रचनात्मक रूप से बेहद मजबूत बनाने के लिए देश की बेहतरीन प्रतिभाओं को शामिल किया गया है। फेमस एडिटर संचारी दास इस पूरी डॉक्यूमेंट्री की एडिटिंग का जिम्मा संभाल रही हैं। गौरतलब है कि संचारी दास को ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाली शॉर्ट फिल्म ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ में उनके बेहतरीन काम के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।
वहीं इस बिना नाम वाले बड़े प्रोजेक्ट का डायरेक्शन शशि रंजन कर रहे हैं। शशि रंजन इससे पहले ‘द रोशन्स’ जैसी फेमस और सराही गई डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन कर चुके हैं। उनकी मौजूदगी से फिल्म के कंटेंट और प्रस्तुतीकरण को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
फिल्म निर्माण से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस विशाल प्रोजेक्ट को आकार देने के लिए पहले बड़े स्तर पर ऐतिहासिक शोध किया गया। सिन्हा के शुरुआती जीवन, पुणे इंस्टीट्यूट के दिनों, मुंबई में संघर्ष, स्टारडम और फिर राजनीति में उनके प्रवेश को बारिकी से अध्ययन के बाद रिकॉर्ड किया गया है।
जानकारी के अनुसार अब तक इस प्रोजेक्ट का लगभग 90 % शूटिंग कार्य सफलता से पूरा हो चुका है। अब इसका पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। जल्द ही यह पैन-इंडिया नॉन-फिक्शन फीचर दर्शकों के सामने होगा, जो सिनेमा और सार्वजनिक जीवन में उनके ऐतिहासिक योगदान को जीवंत करेगा।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी एफटीआईआई के छात्र रह चुके शत्रुघ्न सिन्हा ने साल 1969 में ‘प्रेम पुजारी’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने एक खलनायक के तौर पर अपनी पहचान बनाई और उनके निभाए गए नकारात्मक किरदारों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
हालांकि, साल 1976 में आई सुभाष घई की फिल्म ‘कालीचरण’ ने उनके पूरे करियर की दिशा ही बदल दी। इस फिल्म की अपार सफलता के बाद वे मुख्य धारा के एक्शन हीरो के रूप में देखा गया। इसके बाद उन्होंने ‘विश्वनाथ’, ‘दोस्ताना’, ‘काला पत्थर’ और ‘नसीब’ जैसी एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं।